“27 की उम्र में राष्ट्रीय सचिव, तो 29 में BJP ने बनाया MP”, जब बोले थे वरुण गांधी- PM नरम हृदय के, विडंबना में खड़े रहे पिता समान

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी विडंबना में एक पिता की तरह खड़े रहे और वे बहुत ही नरम स्वभाव के हैं।

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बीजेपी नेता वरुण गांधी (एक्सप्रेस फोटो)

पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी भारत की राजनीति में एक ऐसे किरदार हैं, जिन्हें भाजपा ने कुछ बड़ा करने के लिए चुना। लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद उन्हें पायदान दर पायदान नीचे धकेला जा रहा है। हाल ही में हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में भी वरुण गांधी को जगह नहीं दी गई। हालांकि कयास लगाए जा रहे थे कि वरुण गांधी या उनकी मां मेनका गांधी में से किसी एक को मोदी मंत्रिमंडल में फिट किया जा सकता है लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सियासी गलियारों में चर्चा है कि पीएम मोदी पिछले कुछ समय से वरुण गांधी से नाराज हैं।

पीएम मोदी की नाराजगी से जुड़ा एक सवाल 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एबीपी न्यूज के एक पत्रकार ने वरुण गांधी से पूछा था। जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। पार्टी ने 27 साल की उम्र में मुझे राष्ट्रीय सचिव बनाया और 29 साल की उम्र में सांसद बनाया।

वरुण गांधी के इस जवाब पर पत्रकार ने कहा कि ये तो मोदी के दौर से पहले की बात है। जिसका जवाब देते हुए वरुण गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मेरा और मेरी मां का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने मेरी मां को अपने कैबिनेट में मंत्री भी बनाया। हालांकि यह तो जरूरी नहीं है कि एक ही परिवार के दो लोगों को मंत्री बनाया जाए। वरुण ने आगे कहा कि मेरी बेटी का देहांत होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुझे सम्बल दिया था और संकट में वह एक पिता की तरह खड़े रहे, वह बहुत ही नरम स्वभाव के हैं।

बता दें कि वरुण गांधी काफी समय से पार्टी से साइडलाइन किए जा रहे हैं, जिसकी वजह प्रधानमंत्री की वरुण से नाराजगी बताई जा रही है। हालांकि वरुण गांधी इन बातों को खारिज करते रहे हैं। लेकिन हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में वरुण गांधी का जगह ना मिलना इसी का संकेत देता है कि पीएम मोदी उनसे कुछ खफा हैं।

कौन हैं वरुण गांधी: वरुण गांधी इंदिरा गांधी के पोते और संजय गांधी के बेटे हैं। संजय गांधी की मौत के बाद वरुण की मां मेनका गांधी और दादी इंदिरा गांधी में तकरार बढ़ गई थी। जिसके बाद मेनका ने ना सिर्फ इंदिरा गांधी का घर छोड़ा बल्कि भाजपा का दामन भी थाम लिया। वरुण गांधी लोकसभा के लिए तीसरी बार चुने गए हैं और वे पीलभीत लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वरुण गांधी मार्च 2012 में राजनाथ सिंह की टीम में महासचिव की भी भूमिका अदा कर चुके हैं।

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