फिल्म से कम नहीं है IPS की स्टोरी, 12वीं फेल हुए, टेंपो चलाया, भिखारियों के पास सोए; आखिर में मेहनत करते UPSC में पाई सफलता

दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी करने के दौरान उन्होंने कुत्ते टहलाने वाली नौकरी भी की। इसके लिए उन्हें चार सौ रुपए मिलते थे। जिससे मनोज अपना गुजारा किया करते थे। इसी दौरान उन्होंने तीन बार यूपीएससी की परीक्षा दी। लेकिन तीनों बार असफल रहे।

चौथी बार में यूपीएससी पास करने वाले 2005 बैच के आईपीएस मनोज शर्मा की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। (फोटो: सोशल मीडिया)

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने बीते दिनों सिविल सेवा एग्जाम 2020 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया। इस परीक्षा में जहां कुल 761 उम्मीदवारों को सफलता मिली तो वहीं लाखों अभ्यर्थियों को निराशा हाथ लगी। परीक्षा में असफल होने पर कई अभ्यर्थियों का मनोबल टूट जाता है और वे अपने आप को कमजोर महसूस करने लगते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे आईपीएस अधिकारी की कहानी सुनाएंगे जिन्होंने असफलता को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। 12वीं फेल होने के बाद भी उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की। इतना ही नहीं उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के दौरान टेंपो भी चलाया और भिखारियों के पास सोकर रात भी गुजारी।

2005 बैच के आईपीएस मनोज शर्मा के यूपीएससी पास करने की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। मूल रूप से मध्यप्रदेश के रहने वाले मनोज शर्मा ने नौंवी और 10वीं की परीक्षा थर्ड डिविजन से पास की। लेकिन 12वीं की परीक्षा में वे फेल हो गए। 12वीं की परीक्षा में फेल होने के बाद वे अपने भाई के साथ मिलकर ऑटो चलाने लगे। ऑटो चलाने के दौरान ही उनके साथ एक ऐसी घटना घटी जिसने उन्हें यूपीएससी की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।

दरअसल ऑटो चलाने के दौरान पुलिस वाले ने मनोज शर्मा का ऑटो पकड़ लिया। जिसके बाद उन्हें पता चला कि एसडीएम से बात करके ऑटो छुड़ाया जा सकता है। इसके लिए वे एसडीएम के पास गए। लेकिन वे एसडीएम से ऑटो छुड़ाने की बात नहीं कह पाए। लेकिन उन्होंने एसडीएम से यह पूछ लिया कि एसडीएम बनने के लिए तैयारी कैसे की जा सकती है। बस इसके बाद ही उनके मन पर भी एसडीएम बनने का जुनून सवार हो गया।

एसडीएम की परीक्षा की तैयारी के लिए वे ग्वालियर आ गए। ग्वालियर में पैसों की कमी की वजह से वे मंदिर में भिखारियों के पास सोते थे। इतना ही नहीं उन्होंने ग्वालियर में अपना खर्च चलाने के लिए एक लाइब्रेरी में भी काम किया। इसी दौरान उन्होंने कई सारे विचारकों को पढ़ा। विचारकों को पढ़ने के बाद उन्हें लगा कि एसडीएम से भी बड़ी परीक्षा की तैयारी की जा सकती है। इसके बाद वे यूपीएससी की तैयारी करने में जुट गए।

इसके लिए वो दिल्ली आ गए। दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी करने के दौरान उन्होंने कुत्ते टहलाने वाली नौकरी भी की। इसके लिए उन्हें चार सौ रुपए मिलते थे। जिससे मनोज अपना गुजारा किया करते थे। इसी दौरान उन्होंने तीन बार यूपीएससी की परीक्षा दी। तीनों बार असफल रहे लेकिन चौथी कोशिश में उन्हें 121रैंक मिला और वो एक आईपीएस अफसर बन गये। वर्तमान में मनोज शर्मा मुंबई पुलिस के एडिशनल कमिश्नर के रूप में तैनात हैं। यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्हें उनकी पत्नी श्रद्धा का खूब सहयोग मिला जो पहले उनकी प्रेमिका थीं। उनकी पत्नी श्रद्धा भी भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी हैं।

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