असफलताओं से परेशान होकर छोड़ दी थी UPSC की तैयारी, फिर कैसे प्रेरित होकर अनिरुद्ध बने IPS?

2015 में अनिरुद्ध कुमार की शादी आरती सिंह से हुई। आरती और वे दोनों मिलकर यूपीएससी की तैयारी करने लगे। इसके बाद दोनों ने 2016 में यूपीएससी की परीक्षा दी। 2016 की परीक्षा में आरती सिंह का आईपीएस में चयन हो गया लेकिन अनिरुद्ध कुमार को डिफेंस सर्विसेज मिला।

साल 2017 में 146वां रैंक लाने वाले अनिरुद्ध कुमार की पत्नी आरती सिंह भी आईपीएस है। (फोटो: फेसबुक/ Arti Singh IPS)

यूपीएससी एग्जाम में हर साल लाखों बच्चे अपनी किस्मत आजमाते हैं, लेकिन सफलता चुनिंदा अभ्यर्थियों को ही मिल पाती है। ईमानदारी से कोशिश करने वाले अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में सफलता मिल जाती है। आज हमको आप ऐसे ही एक आईपीएस अधिकारी अनिरुद्ध कुमार की कहानी बता रहे हैं जिन्होंने कभी असफलताओं से परेशान होकर यूपीएससी की तैयारी छोड़ दी थी लेकिन बाद में फिर से उन्होंने तैयारी शुरू की और अपने लक्ष्य को हासिल किया। तैयारी के दौरान अनिरुद्ध का साथ देने वाली उनकी पत्नी आरती सिंह भी आईपीएस अधिकारी हैं।

साल 2017 में यूपीएससी की परीक्षा में 146वीं रैंक हासिल करने वाले अनिरुद्ध कुमार मूल रूप से बिहार के जहानाबाद के रहने वाले हैं। उनकी शुरूआती पढ़ाई लिखाई जहानाबाद में हुई। नक्सल प्रभावित इलाका होने के कारण उनका बचपन काफी खौफ में बिता। गांव और आसपास के माहौल को देखते हुए उनके चाचा बचपन में उन्हें कलेक्टर बनने के लिए प्रेरित किया करते थे। चाचा की बात अनिरुद्ध के मन में बचपन में ही घर कर गई।

अनिरुद्ध कुमार के पिताजी रेलवे में नौकरी किया करते थे। इसी दौरान उनके पिताजी का ट्रान्सफर कानपुर हो गया। जिसके बाद अनिरुद्ध कुमार अपने परिवार के साथ कानपुर आ गए। बाद में उनकी पढ़ाई लिखाई कानपुर में ही हुई। उन्होंने कानपुर के ही एचबीटीआई से बीटेक की डिग्री हासिल की। बीटेक के बाद वे इंफोसिस में नौकरी करने लगे। तभी अनिरुद्ध कुमार के जीवन में एक ऐसी घटना घटी जिन्होंने उन्हें सिविल सेवा अधिकारी बनने के लिए दोबारा से प्रेरित किया।

दरअसल अनिरुद्ध कुमार के पिता ने अपनी कमाई से कानपुर में एक जमीन खरीदी थी। जिसपर दबंगों ने कब्ज़ा कर लिया। अनिरुद्ध कुमार और उसके परिवारवालों ने इसकी शिकायत कानपुर के एसएसपी से की। एसएसपी ने स्थानीय थाने को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिसके बाद वो जमीन अनिरुद्ध कुमार के परिवार को वापस मिल गई। इस घटना ने उनके मन पर गहरी छाप छोड़ी और वो यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।

अनिरुद्ध कुमार ने 2012 में अपना पहला प्रयास दिया लेकिन वे इंटरव्यू तक नहीं पहुंच पाए। दूसरे प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद उन्होंने पीसीएस की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने तीन बार पीसीएस की परीक्षा दी और तीनों बार सफलता मिली। लेकिन उन्हें लगा कि वे अपने मूल लक्ष्य से भटक गए हैं। इसके बाद उन्होंने दोबारा से यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।

इसी दौरान 2015 में उनकी शादी आरती सिंह से हो गई। आरती और वे दोनों मिलकर यूपीएससी की तैयारी करने लगे। इसके बाद दोनों ने 2016 में यूपीएससी की परीक्षा दी। 2016 की परीक्षा में अनिरुद्ध कुमार की पत्नी आरती सिंह का आईपीएस में चयन हो गया लेकिन उन्हें डिफेंस सर्विसेज मिले। चूंकि अनिरुद्ध का लक्ष्य आईएएस या आईपीएस ही था। इसलिए उन्होंने डिफेंस सर्विसेज को छोड़ दिया और वापस से तैयारी में लग गए। अगले ही प्रयास में अनिरुद्ध कुमार को यूपीएससी की परीक्षा में 146वां रैंक हासिल हुआ और वे आईपीएस के लिए चुन लिए गए।

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