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अयोध्या मुद्दे पर राज्यसभा में बरसा विपक्ष

राज्यसभा में बुधवार को अयोध्या विवाद का मुद्दा उठा जहां कांग्रेस, बसपा और जद (एकी) ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर उत्तर प्रदेश में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया..
Author नई दिल्ली | December 24, 2015 01:14 am
राज्यसभा की कार्यवाही। (पीटीआई फाइल फोटो)

राज्यसभा में बुधवार को अयोध्या विवाद का मुद्दा उठा जहां कांग्रेस, बसपा और जद (एकी) ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर उत्तर प्रदेश में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। जिसे केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने खारिज कर दिया। जद (एकी) के केसी त्यागी ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले सांप्रदायिक माहौल की परिस्थितियां निर्मित की जा रहीं हैं।

विपक्षी सदस्यों ने अयोध्या में इस हफ्ते के शुरू में मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों से भरे दो ट्रक पहुचंने की खबरों पर चिंता जताई। त्यागी ने कहा कि केवल माहौल बिगाड़ने के लिए इस तरह की गतिविधियां की जा रहीं हैं। उन्होंने खबरों में आए महंत नृत्य गोपाल दास के एक बयान का उल्लेख किया कि मोदी सरकार से संकेत मिल गया है कि मंदिर का निर्माण अब किया जाएगा।

संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 1990 से विवादित स्थल से डेढ़ किलोमीटर दूर एक स्थान पर मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों की तराशी का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और भाजपा का मानना है कि विवाद पर अदालत के फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए। नकवी ने कहा कि पत्थरों को तराशने के काम पर कोई रोक नहीं है और जिन धार्मिक नेताओं का हवाला दिया गया है, वे अयोध्या में रहते हैं। उन्होंने कहा कि पत्थर तराशी के काम का यह मतलब नहीं है कि मंदिर बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कृपया अदालत के फैसले का इंतजार कीजिए। हम सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। संसद परिसर में बसपा अध्यक्ष मायावती ने पत्रकारों से कहा कि लंबे समय से भाजपा और संघ का यही एजंडा रहा है। लेकिन भारत सरकार को ऐसे लोगों पर रोकथाम लगानी चाहिए। मायावती ने भाजपा से ज्यादा जिम्मेदार अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी को ठहराया और कहा कि अगर स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया जाता है तो सत्तारूढ़ दल होने के नाते सपा जिम्मेदार होगी।

उत्तर प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने दावा किया कि भाजपा और उससे जुड़े संगठन हर विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के मुद्दे उठाते हैं। उन्होंने कहा कि शिलापूजन हो या रथ यात्रा, भाजपा हर विधानसभा चुनाव से पहले, खासकर उत्तर प्रदेश में, सांप्रदायिक विभाजन करने की कोशिश करती है। जद (एकी)अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि भाजपा हर बार सांप्रदायिक आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश करती है लेकिन इस बार जनता उनकी सोच को समझ गई है।

गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि पार्टी एक बार फिर से मंदिर के मुद्दे को उठा रही है। उन्होंने कहा कि 1990 से अयोध्या और राजस्थान में कार्यशालाओं में पत्थर तराशे जा रहे हैं। पहली बार अयोध्या में पत्थर नहीं पहुंचे हैं। जो लोग अयोध्या नहीं गए, वे ऐसी बातें करते हैं। आदित्यनाथ ने सपा पर जनता का ध्यान उसके शासनकाल में भ्रष्टाचार और घोटालों से हटाने की कोशिशों का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने लोकायुक्त के मामले में राज्य सरकार से नाराजगी जताई है। घोटाले हुए हैं। यह लूट, हत्या और बलात्कार की सरकार है। वे लोगों का ध्यान हटा रहे हैं। राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने आसन के पास आकर नारेबाजी की और ‘यूपी में दंगे की साजिश बंद करो’ जैसे नारे लगाए। उपसभापति पीजे कुरियन ने कहा कि नकवी के बयान के बाद कोई संदेह नहीं है कि सरकार और पार्टी अदालत के फैसले के अनुसार काम करेंगे।
उन्होंने सदस्यों से कहा-आप शून्यकाल में अवरोध क्यों पैदा कर रहे हैं? विपक्ष के सदस्यों पर उप सभापति की अपील का कोई असर नहीं हुआ और सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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