ताज़ा खबर
 

निर्भया डॉक्यूमेंट्री पर संसद में भारी रोष, सरकार ने दिए जांच के आदेश

बीबीसी के लिए बनाए गए वृत्तचित्र में निर्भया कांड के मुख्य दोषी द्वारा महिलाओं को ही बलात्कार का जिम्मेदार ठहराने पर संसद ने आज एकजुट होकर गहरा रोष जताया और सरकार ने कहा कि वह ऐसे मामलों का वाणिज्यिक उपयोग नहीं होने देगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि यह भारत सहित दुनिया में कहीं भी […]
Author March 4, 2015 17:50 pm
Masarat Alam Release: गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी सरकार किसी भी कीमत पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता नहीं करेगी। (फ़ोटो-पीटीआई)

बीबीसी के लिए बनाए गए वृत्तचित्र में निर्भया कांड के मुख्य दोषी द्वारा महिलाओं को ही बलात्कार का जिम्मेदार ठहराने पर संसद ने आज एकजुट होकर गहरा रोष जताया और सरकार ने कहा कि वह ऐसे मामलों का वाणिज्यिक उपयोग नहीं होने देगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि यह भारत सहित दुनिया में कहीं भी किसी भी रूप में प्रसारित नहीं होने पाए।

संसद में सदस्यों द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों सदनों में दिए बयान में कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर सारा देश शर्मिंदगी और नाराजगी महसूस कर रहा है और वह इसे किसी भी सूरत में जारी नहीं होने देंगे, चाहे वह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर हो, वेब मीडिया पर हो या प्रिंट मीडिया में हो। उन्होंने कहा कि इस बारे में कल ही अदालत से आदेश प्राप्त कर लिया गया है कि इस विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री को भारत में जारी नहीं किया जाएगा।

सदस्यों द्वारा यह कहे जाने पर कि अगर यह विदेशों में जारी होती है तो इसका भारत में जारी होना या नहीं होना बेमानी साबित होगा, गृह मंत्री ने कहा, “हमें भरोसा है कि यह डॉक्यूमेंट्री ब्रॉडकास्ट नहीं होगी और इसके प्रयास किए जा रहे हैं।’’

उल्लेखनीय है कि आगामी आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इसे बीबीसी द्वारा प्रसारित किया जाना था।

उन्होंने बताया कि निर्भया कांड के दोषी से इस डॉक्यूमेंट्री के लिए साक्षात्कार लेने की अनुमति जेल अधिकारियों द्वारा 25 जुलाई 2013 को दी गयी थी। उन्होंने कहा कि वह इस अनुमति से अचंभित हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि जेल में कैदियों से साक्षात्कार लेने के प्रावधान हों लेकिन जिस व्यक्ति को उच्चतम न्यायालय ने बलात्कारी करार दिया हो उससे साक्षात्कार की अनुमति देना चौंकाने वाली बात है।

गृह मंत्री ने कहा कि वह पूरे मामले की जांच कराएंगे और जवाबदेही तय करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर जरूरी हुआ तो कैदियों से साक्षात्कार लेने वाले प्रावधान की समीक्षा करके उसमें आवश्यक संशोधन करवाएंगे।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि निर्भया कांड के दोषी से इंटरव्यू लिए जाने की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और इस बारे में जो भी आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं, उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किन परिस्थितियों में रिपोर्टर को इंटरव्यू लेने की अनुमति दी गयी इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

इससे पूर्व लोकसभा में इस विषय को उठाते हुए कांग्रेस की रंजीत रंजन ने कहा कि दुखद सिर्फ यह नहीं है कि एक ब्रिटिश फिल्म निर्माता ने निर्भया कांड के दोषी का इंटरव्यू लिया बल्कि दुखद यह है कि उसका पक्ष इस तरह रखा गया है कि जिससे कि ऐसे कांडों को दोहराने को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इस इंटरव्यू में वीभत्स बलात्कार के दोषी ने बलात्कार के लिए लड़कियों को ही दोषी ठहराया है कि वे रात में क्यों निकलती हैं और ऐसे वैसे कपड़े क्यों पहनती हैं।

रंजन ने रोष जताते हुए कहा कि आज बलात्कार का भी बाजारीकरण किया जा रहा है। कभी निर्भया बलात्कार कांड के नाटकीय मंचन के रूप में बस में फैशन शो आयोजित किए जाते हैं तो अब बलात्कारी को सही तथा महिला को दोषी बताने वाली एक डॉक्यूमेंट्री अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिखाई जाने वाली है।

उन्होंने सवाल किया कि बलात्कार के लिए लड़की को ही जिम्मेदार ठहराने वाले इस इंटरव्यू को देखकर उस लड़की के माता पिता पर क्या गुजरेगी?

माकपा की पी के श्रीमती टीचर ने कहा कि यह बहुत ही स्तब्ध करने वाली बात है कि “इंडियाज डॉटर्स’’ के नाम से एक डॉक्यूमेंट्री बनायी गयी है और उसका “स्टार” वह बलात्कारी है जो निर्भया कांड के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने पर तिहाड़ जेल में बंद है।

भाजपा की किरण खेर ने कहा कि निर्भया कांड का दोषी ढाई साल से जेल में है लेकिन इतने सालों में भी उसे यह समझ नहीं आया कि उसने कुछ गलत किया है। वह यह नसीहत दे रहा है कि लड़कियों को रात में नहीं निकलना चाहिए या कैसे लिबास पहनने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बात दर्शाती है कि समाज की मानसिकता को बदलने की कितनी ज्यादा जरूरत है।

इसी पार्टी की मीनाक्षी लेखी ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री भारत की प्रतिष्ठा पर आघात लगाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के बलात्कारी से इंटरव्यू लेने की अनुमति सरकारी आदेश से हुई है और इस बात की जांच होनी चाहिए।

शिवसेना के विनायक राउत ने बलात्कार के आरोप में फांसी की सजा पाए दोषी से इंटरव्यू की अनुमति देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

अन्ना्रद्रमुक के सदस्य के रूप में सदन के उपाध्यक्ष एम थम्बीदुरै ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा संसद की जिम्मेदारी है और सरकार को इस बारे में बयान देना चाहिए।

माकपा के ए संपत ने सुझाव दिया कि किसी प्रैक्टिसिंग वकील को ऐसे मामलों में बयान देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के दोषी के वकील ने भी विवादास्पद बयान में बलात्कार के लिए महिलाओं को दोषी बताते हुए ऐसा जघन्य कांड करने वालों को जायज ठहराया है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि वह इस सुझाव को विधि मंत्री के संज्ञान में लाएंगे।

राज्यसभा में जदयू के केसी त्यागी ने कहा कि सामूहिक बलात्कार के दोषी मुकेश सिंह ने पीड़िता के बारे में साक्षात्कार में बेहद आपत्तिजनक बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि यह साक्षात्कार किसी चैनल पर प्रसारित नहीं होना चाहिए।

सपा की जया बच्चन ने इस साक्षात्कार की कड़ी निंदा जताते हुए कहा कि इस पूरे मामले र्मं पिछली सरकार का जो रूख रहा था, वही काम अब मौजूदा सरकार भी कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाये जा रहे हैं।

इसी बीच उपसभापति पी जे कुरियन द्वारा बीजद के भूपेन्द्र सिंह को शून्यकाल के तहत लोक महत्व का मुद्दा उठाये जाने के लिए लिए कहने पर जया बच्चन सहित सपा की महिला सदस्य आसन के समक्ष आकर सामूहिक बलात्कार के दोषी के साक्षात्कार की निंदा करने लगी। उनके साथ कांगे्रस, वाम एवं जदयू की महिला सदस्य भी आसन के समक्ष आ गयी। बाद में अन्य दलों के पुरुष सदस्य भी वहां आ गये।

हंगामे के कारण कुरियन ने दोपहर 11 बजकर 22 मिनट पर बैठक को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।
सदन की बैठक फिर शुरू होने पर मनोनीत सदस्य जावेद अख्तर ने कहा कि एक वृत्तचित्र पर रोक लगाने से क्या होगा क्योंकि महिलाओं के बारे में आम पुरूषों की यही मानसिकता है। इस मानसिकता को बदलने की जरूरत है।

कांग्रेस की रजनी पाटिल एवं अंबिका सोनी ने भी कहा कि समाज में महिलाओं के वस्त्रों के बारे में पुरूषों की जो सोच है, उसे बदले बिना परिस्थितियां नहीं बदली जा सकती।

बसपा प्रमुख मायावती ने इस मामले में सरकार द्वारा की गयी कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि वृत्तचित्र बनाने की अनुमति देने के मामले की जांच समयबद्ध तरीके से करवायी जानी चाहिए।

माकपा की टी एन सीमा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में हमारी व्यवस्था बिल्कुल काम नहीं कर रही।

16 दिसंबर सामूहिक बलात्कार के दोषी का साक्षात्कार : राजनाथ ने तिहाड़ के डीजी को तलब किया:

नई दिल्ली। सोलह दिसंबर की घटना के दोषी के साक्षात्कार से उपजे हंगामे के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज तिहाड़ जेल के महानिदेशक को तलब किया है, जहां यह डॉक्यूमेंट्री फिल्माई गई है।

समझा जाता है कि महानिदेशक आलोक कुमार वर्मा ने गृहमंत्री को इस बारे में जानकारी दी कि दोषी मुकेश सिंह का साक्षात्कार लेने की इजाजत कैसे दी गई और यह कैसे हुआ।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दस मिनट की मुलाकात के दौरान वर्मा ने गृहमंत्री को जेल नियमों के विभिन्न पहलुओं और बाहरी व्यक्ति द्वारा एक कैदी से मिलने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया।

इससे पहले गृहमंत्री ने संसद के दोनों सदनों में दिए बयान में एक ब्रिटिश फिल्म निर्माता द्वारा साक्षात्कार लेने की परिस्थितियों के बारे में बताया और कहा कि सरकार ने इसके प्रसारण को रोकने के लिए कार्रवाई की है।

गृहमंत्री ने कहा कि जुलाई 2013 में मुकेश का साक्षात्कार लेने के लिए किस प्रकार इजाजत दी गई, इस बाबत जांच के आदेश दिए गए हैं और इस संबंध में जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

साक्षात्कार में 23 वर्षीय लड़की से बर्बर बलात्कार करने और उसकी हत्या करने के जुर्म में मौत की सजा पाए मुकेश ने कहा कि बलात्कार के लिए वह महिलाएं जिम्मेदार हैं जो देर रात को बाहर निकलती हैं और छेड़छाड़ करने वाले पुरूषों को आकर्षित करती हैं। उसने कहा, ‘‘बलात्कार के लिए एक लड़की एक लड़के से कहीं ज्यादा जिम्मेदार है।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.