लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर आयोजित विशेष सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर भी तंज कसा। अखिलेश यादव ने कहा कि आपकी वो सास-बहू वाली तो हार गई। सपा चीफ के इस बयान पर अब स्मृति ईरानी ने पलटवार किया है।

स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “सुना है आज अखिलेश जी ने संसद में मुझे याद किया। अच्छा है, जिनको राजनीति धरोहर में मिली, वे उनको भी याद करते हैं जो अपने दम पर आसमान में सुराख करते हैं। कामकाजी औरत पर वे टिप्पणी करते हैं जिन्होंने जिंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं की। सीरियल से हटाकर संसद पर ध्यान लगाएं, महिलाओं के संबल हेतु अहम बिल पास कराएं।”

अखिलेश यादव ने क्या कहा था?

सपा प्रमुख अखिलेश यादव परिसीमन बिल और महिला आरक्षण पर बात कर रहे थे। इस दौरान भाषण में महिलाओं के आरक्षण और सीट रिजर्व की बात आई तो अखिलेश यादव ने कहा कि ‘अगर आप सीट रिजर्व करा देंगे तो महिलाओं में आपस में ही कंपटीशन हो जाएगा। आपकी वो सास-बहू वाली तो हार गई।’

अखिलेश यादव ने कहा, “समाजवादी पार्टी का इतिहास रहा है कि हम लोगों ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ने का काम किया है। डॉ राम मनोहर लोहिया ने हमेशा जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस की बात की है। महिलाओं का आरक्षण 33% हो उसके पक्ष में हम लोग बोल रहे हैं। जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा उनके मान सम्मान के लिए कैसे रखेंगे। जिस पैरेंटल संगठन से आप निकले हैं उसमें कितनी नारी हैं यह बता दे आप।”

सपा प्रमुख ने कहा, “भाजपा की 21 जगह सरकारें हैं, भारतीय जनता पार्टी बताएं इनमें से भाजपा की कितनी महिला मुख्यमंत्री बनी हुई हैं। दिल्ली में भी महिला होने के नाते वह हाफ चीफ मिनिस्टर हैं। संस्कार का आरंभ महिला से होता है, यदि महिला जागृत है तो पूरा समाज जागृत हो जाता है। जब तक महिलाएं राजनीति में नहीं आएगी तो सामाजिक क्रांति अधूरी रहेंगी। इसीलिए उत्तर प्रदेश में पंचायत में सबसे पहले महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का काम समाजवादी पार्टी ने किया था।”

बीजेपी को किस बात की जल्दी है- अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को किस बात की जल्दबाजी है। उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण के नाम पर जल्दबाजी किस बात की है? सच तो यह है भाजपा जातीय जनगणना को टालना चाहते हैं क्योंकि उसके बाद आरक्षण देना होगा जो भाजपा के संघी साथी देना नहीं चाहते हैं।” संसद से जुड़ी कार्यवाही के लिए पढ़ें लाइव ब्लॉग…