पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पत्थरबाजों को कड़ी चेतावनी दी है। अधिकारी ने सोमवार को कहा कि जिस तरह जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी को खत्म कर दिया गया, उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी इसे जल्द ही पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। अधिकारी ने पार्क सर्कस सेवन-पॉइंट क्रॉसिंग पर हिंसक प्रदर्शनों और पत्थरबाजी के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों से मुलाकात की।
घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम अधिकारी ने कहा, “कोई भी विरोध प्रदर्शन कर सकता है। यह एक लोकतांत्रिक देश है। पुलिस अफसरों को बता दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति, राजनीतिक समूह या धार्मिक समूह अपनी मांग रख सकता है। वे अपना पक्ष रखेंगे और पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी और प्रभारी निरीक्षक उनसे मिलेंगे। उनकी बात सुनी जाएगी और उनके सवालों के जवाब दिए जाएंगे।”
अधिकारी ने आगे कहा, “ लेकिन धार्मिक नारे लगाते हुए अचानक पत्थरबाजी करने को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद कश्मीर में पत्थरबाजी बंद हो गई थी। मेरा मानना है कि अब कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल में पत्थरबाजी को पूरी तरह से रोकने का समय आ गया है।”
सीएम ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “वे दिन बीत गए जब पुलिसकर्मियों को घायल होने के लिए छोड़ दिया जाता था और पुलिस मंत्री एसी कमरे में आराम से बैठे रहते थे।”
उपद्रवियों के प्रति जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं उन लोगों से अपील करता हूं, ऐसा न करें, ऐसी गतिविधियों से दूर रहें। अगर आपको लगता है, पिछली सरकार की तरह, कि पुलिसकर्मियों के हाथ बंधे हुए हैं, तो आप गलत हैं। तोड़फोड़ करने वाले और उपद्रवियों के प्रति, राष्ट्र-विरोधियों और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस है। यह आखिरी बार है जब मैं आपको बता रहा हूं, न केवल कड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां की जाएंगी बल्कि अपराधियों को सजा मिलने तक निगरानी भी की जाएगी।”
सीएम ने कहा कि उन्होंने पुलिस को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि वह कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों की त्वरित कार्रवाई से संतुष्ट हैं। भवानीपुर से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने वाले अधिकारी ने कहा कि 40 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पुलिस आयुक्त व्यक्तिगत रूप से हालात पर नजर रख रहे हैं।
सुनियोजित थी हिंसा- अधिकारी
अधिकारी ने आरोप लगाया कि रविवार को हुई हिंसा सुनियोजित थी। उन्होंने कहा, “घटना से पहले सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट वायरल की जा रही थीं और पुलिस डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।”
पुलिस ने किया था लाठीचार्ज
पार्क सर्कस इलाके में रविवार को भीड़ ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए थे। इसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा था। यह विरोध प्रदर्शन पशु वध पर प्रतिबंध, धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक और सरकार द्वारा तिलजाला में एक कारखाने को गिराए जाने के विरोध में किया जा रहा था।
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पार्क सर्कस में चौराहे पर जाम लगा दिया था। पुलिस अफसरों पर ईंटें फेंकी गईं थीं। सोमवार को इस इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों की तैनाती रही।
बंगाल में बुलडोजर एक्शन पर आया ममता बनर्जी का रिएक्शन
टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को राज्य के कुछ हिस्सों में हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियानों को बुलडोजर पॉलिटिक्स करार दिया और दावा किया कि गरीब लोग राजनीतिक अहंकार की कीमत चुका रहे हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
