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राम रहीम के पास जाने के लिए लगाई जाती थी लड़कियों की ड्यूटी, कत्ल के लिए कोड वर्ड था फार्म हाउस भेज दो- 10 साल पहले ही करीबी ने खोला था राज

डेरे सच्चा सौदा में काम करने वाले कहा था कि डेरे में 200-250 लड़कियां रहती है लेकिन वो सामने नहीं आ सकती है। अगर उन्हें कोई सुरक्षा मिल जाए तो वो सामने आ सकती हैं।

सीबीआई न्यायाधीश जगदीप सिंह ने बलात्कार के 15 साल पुराने मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया है। (PTI)

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम पिछले कुछ दिनों से मीडिया में सुर्खियों में बने हुए हैं। 15 साल पहले के एक रेप केस में राम रहीम को दोषी माना गया है। उनकी सजा का एलान सोमवार (28 अगस्त) को होगा। साध्वियों के साथ रेप के अलावा राम रहीम पर कत्ल, नंपुसक बनाने जैसे दूसरे बड़े आरोप भी लगे हैं। लेकिन राम रहीम पर ये आरोप आज से नहीं लग रहे हैं। करीब 10 साल पहले एक चैनल ने राम रहीम का एक स्टिंग किया था। राम रहीम के ड्राइवर खट्टा सिंह का स्टिंग करके इंटरव्यू लिया गया था। उसके बाद ये स्टिंग ऑनएयर किया गया। इस वीडियो में खट्टा सिंह ने वो सारी बातें ऑन कैमरे कही थीं जो आज आप मीडिया में पढ़ रहे हैं। खट्टा सिंह ने सबसे पहले डेरे में रहने वाली महिला साध्वियों के बारे में बताया। खट्टा सिंह ने कैमरे पर बताया कि पहले मुझे ये सब बातें सुनने में आती थी तो मैं विश्वास नहीं करता था लेकिन धीरे धीरे मेरे सामने ये सारी बातें सामने आने लगीं। उसने कहा कि 10-15 लोग होते हैं वो सब देखते हैं किसकी ड्यूटी कहां लगानी और किस को क्या करके आना है। डेरे में 200-250 लड़कियां रहती है लेकिन वो सामने नहीं आ सकती हैं। अगर उन्हें कोई सुरक्षा मिल जाए तो वो सामने आ सकती हैं। खट्टा सिंह ने बताया कि एक लड़की ने अपने साथ हुए शोषण का जिक्र बाहर कर दिया था तो उसकी पीट-पीट कर रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई थी। अगर कोई लड़की अपने परिवार में इस तरह की बात करती भी थी तो परिवार इन बातों पर विश्वास नहीं करता था।

इसके बात खट्टा सिंह ने कहा कि जब मुझे इस बात का पता चला तो मैं इससब से दूर हो गया। वहां जो मुंह खोल देता है या वहां से जाने की कोशिश करता था उसे मरवा दिया जाता था। किसी को मारने का कोड वर्क होता था इसे फार्म हाउस भेज दो, मतलब इस पर गड्डी चढ़ा दो। जो इन हत्याओं को अंजाम देते थे वो डेरे में ही रहते हैं। खट्टा सिंह ने ये भी बताया कि आश्रम के अंदर जो साधू या लड़का वापस जाने की कोशिश करता था उसे नंपुसक कर दिया जाता था। इसके लिए बाकयदा वहां डॉक्टर तैनात थे। अगर इस खुलासे पर सरकार ने 10 साल पहले कोई कार्रवाई की होती तो शायद ये सब काफी पहले ही रोका जा सकता था।

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