ताज़ा खबर
 

COVID-19 के इलाज के लिए स्टेरॉयड Dexamethasone को नरेंद्र मोदी सरकार से मंजूरी

मध्यम रूप से संक्रमित मरीजों को विशेषत: भर्ती किए जाने के 48 घंटे के भीतर या ऑक्सीजन की आवश्यकता बढ़ने पर उपचार के लिए तीन दिन तक 0.5 से 1 मिलीग्राम / किग्रा मेथिलप्रेडनिसोलोन या 0.1 से 0.2 मिलीग्राम / किग्रा डेक्सामेथासोन दिए जाने पर विचार करने की सलाह दी है।

Author नई दिल्ली | Updated: June 27, 2020 5:07 PM
Coronavirus, COVID-19, Steroid, Dexamethasone, COVID-19 Patientsमंत्रालय ने कहा कि जिन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत है और जिन्हें यांत्रिक वेंटिलेटशन की आवश्यकता है, उन्हें पांच से सात दिन तक दो खुराकों में बांटकर एक से दो मिलीग्राम / किग्रा/दिन मेथिलप्रेडनिसोलोन या 0.2 से 0.4 मिलीग्राम / किग्रा प्रति दिन डेक्सामेथासोन देने पर विचार किया जाना चाहिए। (फाइल फोटो)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सस्ते एवं व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले स्टेरॉयड डेक्सामेथासोन को कोविड-19 के मध्यम से गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों के उपचार संबंधी प्रोटोकॉल में शामिल कर लिया है। मंत्रालय ने बताया कि अद्यतन किए गए प्रोटोकॉल में कोविड-19 के मध्यम से गंभीर स्तर के मामलों के प्रबंधन के लिए मेथिलप्रेडनिसोलोन के विकल्प के तौर पर डेक्सामेथासोन के इस्तेमाल की सलाह को शामिल किया है। यह बदलाव ताजा उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने एवं विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद किया गया।

संशोधित ‘कोविड-19 के लिए नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल’ के अनुसार फेफड़ों संबंधी संक्रमण के लिए पहले से ही इस्तेमाल किए जा रहे डेक्सामेथासोन का इस्तेमाल उपचार संबंधी दिशा-निर्देशों में पहले से शामिल मेथिलप्रेडनिसोलोन के विकल्प के तौर पर भी किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 13 जून को कोविड-19 के इलाज के लिए आपातकाल में वायरसरोधी दवा रेमडेसिविर, प्रतिरोधक क्षमता के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा टोसीलीजुमैब के इस्तेमाल और प्लाज्मा उपचार की अनुमति दे दी थी।

उसने बीमारी की शुरुआत में सार्थक प्रभाव के लिए मलेरिया रोधक दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) का इस्तेमाल करने और गंभीर मामलों में इससे बचने की भी सलाह दी थी। इन दवाओं का इस्तेमाल ‘‘अनुसंधानात्मक पद्धति’’ के तहत संशोधित उपचार प्रोटोकॉल में शामिल है।

Coronavirus in India Live Updates

मध्यम रूप से संक्रमित मरीजों को विशेषत: भर्ती किए जाने के 48 घंटे के भीतर या ऑक्सीजन की आवश्यकता बढ़ने पर उपचार के लिए तीन दिन तक 0.5 से 1 मिलीग्राम / किग्रा मेथिलप्रेडनिसोलोन या 0.1 से 0.2 मिलीग्राम / किग्रा डेक्सामेथासोन दिए जाने पर विचार करने की सलाह दी है। दवा के इस्तेमाल की अवधि की नैदारिक प्रतिक्रिया के अनुसार समीक्षा की जानी चाहिए।

मंत्रालय ने कहा कि जिन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत है और जिन्हें यांत्रिक वेंटिलेटशन की आवश्यकता है, उन्हें पांच से सात दिन तक दो खुराकों में बांटकर एक से दो मिलीग्राम / किग्रा/दिन मेथिलप्रेडनिसोलोन या 0.2 से 0.4 मिलीग्राम / किग्रा प्रति दिन डेक्सामेथासोन देने पर विचार किया जाना चाहिए। भारत में यह संशोधित प्रोटोकॉल ऐसे समय में जारी किया गया है जब देश में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 18,552 नए मामले सामने के बाद शनिवार को संक्रमित लोगों की कुल संख्या पांच लाख से अधिक हो गई तथा 384 और लोगों की मौत हो जाने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 15,685 हो गई है।

डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कॉर्टिकोस्टेरॉइड डेक्सामेथासोन का ब्रिटेन में अस्पताल में भर्ती कोविड-19 के मरीजों पर परीक्षण किया गया और इससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को लाभ हुआ। उसने बताया कि प्रारम्भिक परिणाम के अनुसार वेंटिलेटर पर रखे गए मरीजों के उपचार में इसके इस्तेमाल से मृत्युदर एक तिहाई और ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीजों में मृत्युदर 20 प्रतिशत तक कम हुई।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 लद्दाख में रणनीतिक रूप से अहम इलाके में चीन का कब्जा, घुसपैठ की खुलकर निंदा करें पीएम- बोले कपिल सिब्बल
2 VIDEO: ‘भाजपा कार्यकर्ता रात को 2-2 बजे तक पत्ते खेलते हैं, पकड़े जाने पर थाने फ़ोन कर छुड़वाता हूं’, बोले कैलाश विजयवर्गीय
3 पीटीआई की ‘राष्‍ट्र विरोधी’ रिपोर्टिंंग सेे प्रसार भारती नाराज, मदद रोकने का हो सकता है फैसला
ये पढ़ा क्या?
X