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बंगाल में कांग्रेस का कद बहुत कम, हम क्यों जाएं उनके साथ? अपने दम पर BJP से लें लोहा- बोले TMC नेता

टीएमसी नेता सौगत रॉय ने पलटवार करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस बहुत ज्यादा सिमट चुकी है।

TMC, BJP, west Bengal,टीएमसी नेता सौगत रॉय। (ANI)

टीएमसी नेता सौगत रॉय ने पलटवार करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस बहुत ज्यादा सिमट चुकी है। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को दो सीटें ही मिल सकी थीं। ऐसे में वह अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय क्यों करेंगे। उन्होंने कांग्रेस और टीएमसी के गठबंधन की संभावना को सिरे से नकार दिया। सौगत रॉय ने बेबाक लहजे में कहा कि कांग्रेस को बीजेपी से अपने दम पर लोहा लेना चाहिए। उनका दावा है कि बीजेपी
को हराने में टीएमसी अकेले ही सक्षम है।

पश्चिम बंगाल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ममता सरकार का कार्यकाल 30 मई को खत्म होने जा रहा है। फिलहाल उनके सामने अपना गढ़ बचाने की चुनौती है, क्योंकि बीजेपी सूबे में लगातार अपनी ताकत में इजाफा करती जा रही है। 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी की सीट 2 से बढ़कर 18 हुईं। उसके वोट शेयर में भी 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

उधर, ममता की अपनी पार्टी के कई कद्दावर नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। वहीं कई नाराज हैं। ऐसे में उन्होंने भाजपा के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस और वामदल का साथ मांगा था।

अधीर रंजन ने दी थी विलय की सलाह

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी को गठबंधन के स्थान पर अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने की सलाह दी थी। कांग्रेस ने पेशकश की थी कि वह भाजपा के खिलाफ लड़ाई के लिए गठबंधन बनाने के स्थान पर अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लें। चौधरी का मानना है कि प्रदेश में भाजपा के मजबूत होने के लिए टीएमसी ही जिम्मेदार है।

2016 में ममता को मिली थी बड़ी जीत

पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 293 सीटों पर चुनाव लड़ा और 203 पर जीत दर्ज करते हुए राज्य में सरकार बनाई। 2016 में ममता को बड़ी जीत मिली थी। बीजेपी ने 291 सीटों पर चुनाव लड़ा था, पर उसे केवल 3 पर ही जीत मिल सकी। उधर, सीपीएम ने 148 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 23 पर सफलता मिली। कांग्रेस ने 92 सीटों पर किस्मत आजमाई और 43 सीटों पर जीत मिली।

लोकसभा चुनाव के नतीजे और बागियों ने ममता को बेचैन किया

लोकसभा चुनाव 2019 में सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला था। 2014 में सिर्फ दो सीट जीतने वाली बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 सीटों पर जीत हासिल की थी। टीएमसी को भारी नुकसान हुआ। 2014 में 42 में से 34 सीटें जीतने वाली टीएमसी को इस बार 22 सीटें मिली थीं। नतीजों ने ममता की बेचैनी तो बढ़ाई, लेकिन जब उनके नजदीकी और टीएमसी के दिग्गज नेता भाजपा का दामन थामने लगे तो उन्हें गहरा झटका लगा। उसके बाद से वह अपना गढ़ बचाने की जद्दोजहद में हैं।

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