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राज्यों को सार्वजनिक इस्तेमाल की इजाजत

संपत्तियों में से 4,991 उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। यह देश में सबसे ज्यादा हैं। पश्चिम बंगाल में ऐसी 2,735 संपत्तियां हैं। दिल्ली में 487 संपत्तियां हैं। बंगाल में ऐसी 29 और असम में सात संपत्तियां हैं।

सबसे ज्यादा शत्रु संपत्तियां उत्तर प्रदेश में हैं। (फोटो सोर्स : indian express)

केंद्र ने राज्य सरकारों को शत्रु संपत्तियों के सार्वजनिक इस्तेमाल की इजाजत दे दी है। बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए या फिर 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद चीन चले गए लोगों द्वारा छोड़ी गई संपत्तियों के ‘सार्वजनिक इस्तेमाल’ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी। केंद्र सरकार एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा मूल्य की 9,400 शत्रु संपत्तियों और 3000 करोड़ रुपए मूल्य की शत्रु हिस्सेदारी को बेचने का प्रयास कर रही है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक शत्रु संपत्ति आदेश, 2018 के दिशानिर्देशों में संशोधन किया गया है, जिससे राज्य सरकारें शत्रु संपत्तियों का इस्तेमाल खास तौर पर सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए कर सकेंगी।

शत्रु संपत्तियां वो हैं, जो उन लोगों द्वारा छोड़ी गई हैं, जिन्होंने पाकिस्तान और चीन की नागरिकता ले ली है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों की ऐसी 9,280 संपत्तियां हैं जबकि चीनी नागरिकों द्वारा 126 संपत्तियां यहां छोड़ी गई हैं। पाकिस्तानी नागरिकता लेने वाले लोगों द्वारा छोड़ी गई संपत्तियों में से 4,991 उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। यह देश में सबसे ज्यादा हैं। पश्चिम बंगाल में ऐसी 2,735 संपत्तियां हैं। दिल्ली में 487 संपत्तियां हैं। चीनी नागरिकों द्वारा छोड़ी गई सबसे ज्यादा संपत्तियां मेघालय में हैं, जहां ऐसी 57 संपत्तियां हैं। बंगाल में ऐसी 29 और असम में सात संपत्तियां हैं।

मंत्रालय के आदेश के बाद जिन जिलों और राज्यों में शत्रु संपत्तियां हैं, उनके मूल्यांकन के लिए समितियां भी गठित की गई हैं, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे। यह फैसला शत्रु संपत्ति (संशोधन व वैधीकरण) अधिनियम 2017 और शत्रु संपत्ति (संशोधन) नियम 2018 में संशोधन के बाद उठाया गया है। पिछले साल लोकसभा में उक्त विधेयक में संशोधन के बाद यह प्रावधान किया गया है कि भारत विभाजन के समय पाकिस्तान या चीन चले गए लोगों के वंशज भारत में अपने पुरखों की संपत्तियों पर कोई दावा या फिर दलील नहीं कर सकते।

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