कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मंगलवार को कई दिलचस्प पल देखने को मिले। बैठक के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए पार्टी के भीतर उनके रुख पर सवाल उठाने वाले नेताओं को संदेश दिया। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत भी हुई। दूसरी ओर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के साथ पर्दे के पीछे बातचीत शुरू करने की सलाह दी।
बताया जाता है कि राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि CWC में कुछ लोग उनके साथ नहीं हैं और उन्हें मुझ पर भरोसा करना शुरू करना चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी एक बैठक हुई थी। वहां उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें बीजेपी से कोई परेशानी है।
राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में बताया कि उन्होंने मोदी और शाह से कहा कि वह वही कर रहे हैं, जो उनकी पार्टी के लिए सबसे अच्छा है। इस पर मोदी और शाह ने उनसे कहा कि अगर भाजपा सत्ता से बाहर होती है, तो उसकी जगह कांग्रेस ही लेगी।
इसके बाद राहुल गांधी ने CWC के अपने सहयोगियों से सवाल किया कि अगर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को यकीन है कि बीजेपी की जगह कांग्रेस सत्ता में आएगी तो उनमें से कुछ लोगों ने वोट चोरी अभियान पर अब तक भरोसा क्यों नहीं दिखाया है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने CWC नेताओं से यह सवाल किया।
कांग्रेस नेताओं ने जब राहुल गांधी की वोट चोरी के मुद्दे पर डटे रहने के लिए उनकी तारीफ की तो विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि इसका पूरा श्रेय पार्टी को मिलना चाहिए। बताया जाता है कि इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर पूरी पार्टी का नेतृत्व राहुल गांधी के साथ खड़ा है। इस पर गांधी ने कहा कि उन्हें बहुत ज्यादा पीछे नहीं रह जाना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने गांधी से कहा कि पूरी पार्टी उनके साथ चलेगी।
राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कांग्रेस की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में कहा कि पार्टी को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की अपनी मांग को लेकर पूरी ताकत से आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि, सिंघवी ने कथित तौर पर पार्टी को सलाह दी कि कॉकरोट जनता पर्टी के मामले में “ट्रैक-2” तरीका अपनाया जाए। कूटनीति में ट्रैक-2 का मतलब दो पक्षों के बीच अनौपचारिक और गैर-सरकारी बातचीत से होता है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के मुद्दे को कानूनी तरीके से उठाने से पार्टी को फिलहाल बचना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने सीजेपी का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप मतदान की चोरी और शिक्षा और परीक्षा प्रणालियों में खामियों जैसे मुद्दों पर प्रगति हुई है।
प्रदर्शन की तैयारी
CWC की बैठक पार्टी मुख्यालय में होने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस चुनाव आयोग के मुद्दे पर दिल्ली के रामलीला मैदान और कुछ राज्यों की राजधानियों में विपक्षी दलों की संयुक्त रैलियां आयोजित करने का प्रस्ताव रख सकती है।
The Indian Express ने 23 सितंबर को रिपोर्ट किया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति जताई थी। ये आपत्तियां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े उन फैसलों को लेकर थीं, जो कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना लिए गए थे। दोनों चुनाव आयुक्तों ने प्रक्रिया में कई गंभीर खामियों की ओर भी इशारा किया था।
इसके बाद 26 सितंबर को चुनाव आयोग की बैठक हुई। बैठक के बाद जारी चार पन्नों के नोट में आयोग ने नौ फैसलों का ऐलान किया। इन फैसलों में संधू और जोशी की ओर से दर्ज कराई गई कई चिंताओं का बिंदुवार जवाब दिया गया। हालांकि, कई सवाल अब भी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर चर्चा के दौरान सिरसा की सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि पार्टी को आगे की कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि ऐसा नहीं लगता कि मुख्य चुनाव आयुक्त खुद इस्तीफा देंगे। उन्होंने कहा कि संसद में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाला प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया तेज की जानी चाहिए।
इस पर वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पार्टी को ज्ञानेश कुमार और सरकार पर इतना दबाव बनाना चाहिए कि उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़े।
एक कांग्रेस नेता के मुताबिक, कुमारी शैलजा ने कहा कि ऐसा लगता है कि ज्ञानेश कुमार में शर्म नाम की कोई चीज नहीं है और वह इस्तीफा नहीं देंगे। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर इतना बड़ा जन आंदोलन खड़ा करना चाहिए कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देने के लिए मजबूर हो जाएं। उन्होंने कहा कि पार्टी का यही एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व से RSS का SWOT विश्लेषण कराने को कहा। SWOT का मतलब है- Strengths (ताकत), Weaknesses (कमजोरियां), Opportunities (अवसर) और Threats (खतरे)। दिग्विजय सिंह ने RSS को कांग्रेस का मुख्य वैचारिक प्रतिद्वंद्वी बताया।
जब दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को 2024 लोकसभा चुनाव से पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गठबंधन बदलने से रोकना चाहिए था, तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नीतीश कुमार की INDIA ब्लॉक में राष्ट्रीय भूमिका की इच्छा कभी नहीं थी। उन्होंने INDIA ब्लॉक का संयोजक बनने से भी इनकार कर दिया था और कहा था कि वह बिहार में ही रहना चाहते हैं। सोनिया गांधी ने भी इस बात पर खड़गे से सहमति जताई।
बैठक में एक हल्का-फुल्का पल भी आया। जब शशि थरूर ने गांधी जयंती के लिए पार्टी को कोई योजना बनाने की बात कही, तो खड़गे ने मजाक में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि तिरुवनंतपुरम के सांसद थरूर किसी प्रदर्शन में भी नजर आएंगे, न कि सिर्फ अखबारों में कॉलम लिखते और X पर पोस्ट करते रहेंगे।
कैंसर की दवा पर 10 गुना वसूली ‘लूट’, सुप्रीम कोर्ट ने 16% मार्जिन की पैरवी की
सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों द्वारा कैंसर की दवाओं के मूल्य से 10 गुना अधिक दाम मरीजों से वसूले जाने पर मंगलवार को चिंता जताते हुए इसे लूट करार दिया और सभी दवाओं पर एक समान 16 फीसद ‘मार्जिन’ की हिमायत की। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र सरकार से अस्पतालों द्वारा अपने ही दवाखाना से दवाइयां खरीदने को अनिवार्य बनाने के मुद्दे पर गौर करने का निर्देश देते हुए कहा कि इस व्यवस्था से आम आदमी को नुकसान हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर।
