ताज़ा खबर
 

बादल-मायावती पर बोलीं कांशीराम की बहन- वंचितों की सेवा के लिए मेरे भाई ने शादी तक नहीं की, ये दोनों तो ग़रीबों को पास फटकने तक नहीं देते

76 वर्षीय स्वर्ण कौर ने कहा कि उनके भाई फर्श पर सोते थे और गरीबों के साथ खड़े होते थे लेकिन बादल और मायावती जैसे लोग गरीबों को अपने पास भी नहीं आने देते हैं।

Translated By रुंजय कुमार चंडीगढ़ | Updated: June 15, 2021 3:00 PM
स्वर्ण कौर ने कहा कि यह गठबंधन अकाली दल और बसपा की डूबती नैया को बचाने के लिए हैं। इस गठबंधन से किसी भी दलित या गरीब का कोई फायदा नहीं होने वाला है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

साल 2022 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए बादल परिवार और मायावती ने गठबंधन किया है। शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के इस गठबंधन पर बसपा के संस्थापक रहे कांशीराम की बहन स्वर्ण कौर ने हमला बोला है। स्वर्ण कौर ने कहा है कि उनके भाई कांशीराम ने वंचितों की सेवा के लिए शादी नहीं की। लेकिन ये दोनों गरीबों को अपने पास फटकने तक नहीं देते हैं।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कांशीराम की बहन स्वर्ण कौर ने कहा कि ना तो मायावती और ना ही बादल गरीबों के बारे में कुछ जानते हैं। वे गरीबी को भी नहीं समझते हैं। यह ऐसे पार्टियों का गठबंधन है जिसके ऊपर करोड़पतियों नहीं अरबपतियों का शासन है। साथ ही स्वर्ण कौर ने कहा कि उनके भाई ने गरीब के लिए बसपा की स्थापना की थी लेकिन मायावती ने इसे हाईजैक कर लिया। उन्होंने लोगों की सेवा के लिए शादी तक नहीं की।

पंजाब के रूपनगर में रहने वाली 76 वर्षीय स्वर्ण कौर ने कहा कि उनके भाई फर्श पर सोते थे और गरीबों के साथ खड़े होते थे लेकिन बादल और मायावती जैसे लोग गरीबों को अपने पास भी नहीं आने देते हैं। स्वर्ण कौर ने यह भी कहा कि मायावती अपनी सुविधा के लिए दलितों की बेटी वाला टैग लगाती हैं। अब मायावती करोड़पति बन गईं हैं जबकि दलित समुदाय के लोग अभी भी दो वक्त की रोटी के लिए तरसते हैं। साथ ही उन्होंने मायावती से सवाल करते हुए कहा कि क्या वे कभी किसी गरीब के घर गई हैं और गांवों में उनकी शिकायत सुनने के लिए गई हैं।

स्वर्ण कौर ने यह भी कहा कि यह गठबंधन अकाली दल और बसपा की डूबती नैया को बचाने के लिए हैं। इस गठबंधन का असली मकसद सत्ता पाना है और इससे किसी भी दलित या गरीब का कोई फायदा नहीं होने वाला है। स्वर्ण कौर ने इंटरव्यू के दौरान मायावती पर कांशीराम को उनके परिवार से अलग करने और उनके अंतिम समय में भी मिलने नहीं देने का आरोप लगाया। स्वर्ण कौर ने कहा कि मायावती को सिर्फ सत्ता चाहिए थी और इसलिए उन्होंने मेरे भाई और कई नेताओं को बसपा से बाहर कर दिया।

हालांकि स्वर्ण कौर ने यह भी कहा कि वे आने वाले विधानसभा चुनाव में अकाली दल या बसपा में से किसी के भी टिकट पर चुनाव नहीं लड़ेंगी। स्वर्ण कौर ने यह भी साफ़ कर दिया है कि वे किसी भी पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी। बता दें कि पिछले दिनों दोनों पार्टियों ने अपने गठबंधन का ऐलान किया था। गठबंधन के ऐलान के बाद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती से फोन पर भी बात की थी।

Next Stories
1 प्रभु राम ने तो अयोध्या और काशी से दौड़ा दिया है आपको…SP प्रवक्ता का निशाना, संबित ने कहा- जब मुलायम बोले थे कि 100 को मारना बाकी, तब आस्था कहां थी?
2 LJP में टूटः कलियुग में पहली बार हुआ कि “राम” ने ही “हनुमान” के घर लगा दी आग- RJD नेता का तंज
3 ऐसे टूटी LJP: पारस ने भतीजे से कहा- तुम्हारे बिना भी कोरम पूरा हो रहा, फिर बागियों में शामिल हो गए प्रिंस
ये पढ़ा क्या?
X