बुधवार को डीएमके प्रमुख स्टालिन ने अपनी पार्टी के सांसदों से संसद में परिसीमन को लेकर लाए जा रहे बिल का जबरदस्त तरीके से विरोध करने के लिए कहा। स्टालिन ने सांसदों के साथ मीटिंग में आरोप लगाया कि गुरुवार को संसद में होने वाला परिसीमन संशोधन तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों के खिलाफ ‘घोर ऐतिहासिक अन्याय’ है।
स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी आग से खेल रही है और विंध्य के दक्षिण क्षेत्र का हर दक्षिण भारतीय गुस्से से उबल रहा है। उन्होंने कहा कि परिसीमन के खिलाफ 16 अप्रैल को पूरे तमिलनाडु में घरों और सार्वजनिक स्थानों से काले झंडे लगाए जाएंगे।
स्टालिन ने और क्या कहा? जानिए बड़ी बातें
- स्टालिन ने चेतावनी देते हुए कहा, ”अगर केंद्र ने तमिलनाडु की आवाज का सम्मान करने और पीछे हटने से इनकार किया तो आपको इसके परिणाम भुगतने होंगे; आपको भारी कीमत चुकानी होगी।”
- उन्होंने कहा, ‘हमारे सिर पर लटकी तलवार अब हम पर आ गिरी है’।
- स्टालिन ने कहा कि डीएमके सभी राज्यों के सांसदों से संपर्क साध रही है और इस गंभीर खतरे का मुकाबला करने के लिए समन्वित रणनीति तैयार कर रही है’।
- उन्होंने कहा कि यह बिल पार्टियों या व्यक्तियों के बारे में नहीं है; यह हमारे लोगों के अधिकारों की रक्षा के बारे में है’। स्टालिन ने कहा, “मैं देश भर की सभी पार्टियों, सांसदों से हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील करता हूं।”
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इन विधेयकों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ये भविष्य में परिसीमन की प्रकृति को बदल सकते हैं। अभी तक संविधान में यह व्यवस्था थी कि हर जनगणना के बाद परिसीमन किया जाएगा। लेकिन नए प्रस्ताव में इस व्यवस्था को खत्म करने की बात कही गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
