ताज़ा खबर
 

विधानसभा चुनाव आज: महाराष्ट्र और हरियाणा तैयार

नई दिल्ली। हरियाणा और महाराष्ट्र में बुधवार को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए मंच तैयार है। फैसला बाकी है, जो मतदाताओं को करना है। नतीजे रविवार को सामने आएंगे। दो राज्यों के इन विधानसभा चुनावों को लोकसभा चुनाव और पिछले कुछ उपचुनावों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में आए उतार या चढ़ाव […]

Author Published on: October 15, 2014 8:20 AM

नई दिल्ली। हरियाणा और महाराष्ट्र में बुधवार को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए मंच तैयार है। फैसला बाकी है, जो मतदाताओं को करना है। नतीजे रविवार को सामने आएंगे। दो राज्यों के इन विधानसभा चुनावों को लोकसभा चुनाव और पिछले कुछ उपचुनावों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में आए उतार या चढ़ाव की सबसे बड़ी कसौटी के रूप में देखा जा रहा है।

महाराष्ट्र और हरियाणा में गहमागहमी भरे चुनाव प्रचार में मोदी ने दोनों राज्यों में भाजपा के चुनाव प्रचार की कमान संभाली। इसीलिए भाजपा के लिए कड़ा मुकाबला माने जा रहे इन दो राज्यों के चुनाव में पार्टी से भी ज्यादा प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। हालांकि एक लिहाज से भाजपा ने दोनों ही राज्यों में बढ़त इस मामले में बनाई है कि वह चुनौती पेश करने वाले मुख्य दलों में पहली बार शामिल हो चुकी है। हालांकि दोनों जगह मुकाबला बहुकोणीय है। महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए पंचकोणीय मुकाबला है। जिसमें आठ करोड़ 25 लाख मतदाता 4119 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। चुनाव में 1699 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सबसे अधिक 287 उम्मीदवार उतारे हैं। भाजपा ने 257, शिवसेना ने 282, राकांपा ने 278 और मनसे ने 219 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इस चुनाव की खास बात यह है कि इसमें राज्य में लंबे समय से जारी गठबंधन टूट गए। कांग्रेस-राकांपा गठबंधन और भाजपा-शिवसेना गठबंधन टूटने के बाद चारों दल एक-दूसरे के मुकाबले में खड़े हैं। जबकि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना मुकाबले को पंचकोणीय बना रही है। इस चुनाव में चार प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस, भाजपा, शिवसेना और राकांपा के लिए कड़ी परीक्षा तो होगा ही, मनसे के प्रभाव पर भी नजर रहेगी। लेकिन सबसे ज्यादा अगर किसी नजरिए से विचार होगा तो वह भाजपा और खास तौर से मोदी की लोकप्रियता के ग्राफ में आए उतार-चढ़ाव के नजरिए से। क्योंकि कुछ महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीतने वाली पार्टी पर सबकी नजर होना सुनिश्चित है।
कांग्रेस-राकांपा गठबंधन ने महाराष्ट्र में 15 बरसों तक शासन किया। लोकसभा चुनाव के कुछ ही समय बाद केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे के कार दुर्घटना में निधन के बाद राज्य में प्रभाव रखने वाले स्थानीय भाजपा नेता का पार्टी को टोटा पड़ गया। इसलिए भी मोदी ने धुआंधार प्रचार करते हुए 27 रैलियां कीं। महाराष्ट्र में विधानसभा की 288 सीटें हैं जबकि हरियाणा में 90 सीटें हैं। हरियाणा में भी मोदी ने धुआंधार चुनाव प्रचार किया, क्योंकि वहां भी पहली बार भाजपा के सामने अपने दम पर राज्य में सत्ता हासिल करने का लक्ष्य है। वहीं, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रचार के दौरान भूपिंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व में राज्य में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए जोर लगाया।

गौरतलब है हरियाणा में 87.37 लाख महिलाओं सहित 1.63 करोड़ मतदाता हैं, जो 16,357 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 1351 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। चुनाव में 109 महिला उम्मीदवार भी किस्मत आजमा रही हैं। मोदी ने राज्य में सिरसा, गुड़गांव, जींद, जगाधरी, सोनीपत और रोहतक जैसे क्षेत्रों में चुनावी सभाओं को संबोधित किया। हरियाणा में इनेलो के अभियान का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला ने किया था। वे स्वास्थ्य के आधार पर तिहाड़ जमानत पर जेल से बाहर आए थे। हालांकि सीबीआइ की ओर से दिल्ली हार्ट में इस विषय को उठाए जाने के बाद उन्हें फिर जेल वापस जाना पड़ा।

महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनावों को लोकसभा चुनाव के बाद, भाजपा ही नहीं, दूसरे प्रमुख राजनीतिक दलों की लोकप्रियता की बड़ी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इस बार का चुनाव युवा मतदाताओं के रुझान का भी परिचय देगा। महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने पूर्व सहयोगी शिवसेना की आलोचना से परहेज किया। हालांकि उन्होंंने कांग्रेस और राकांपा पर आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे रहने का आरोप लगाते हुए कोसा और राज्य को बर्बाद करने का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने गुजरात के विकास की तुलना पेश की। हालांकि महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान शिवसेना ने गठबंधन टूटने का मुद्दा उठाते हुए अपनी पूर्व सहयोगी भाजपा पर धोखा देने का आरोप लगाया।

दूसरी ओर राज्य में कांग्रेस और राकांपा का 15 साल पुराना गठबंधन भी टूट गया। लेकिन दोनों दल काफी हद तक एक दूसरे को निशाना बनाने से बचते रहे और अपना पूरा जोर भाजपा और मोदी पर निशाना साधने में लगाया। कांग्रेस नेता हालांकि चुनाव के बाद भाजपा और राकांपा के बीच गठबंधन की संभावना की आशंका भी जताई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी बाद में चुनाव प्रचार में शामिल हुए और मतदाताओं को यूपीए सरकार की ओर से शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं और कार्यों की जानकारी दी।

महाराष्ट्र में चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में पूर्व मुÞख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष देवेंद्र फडनवीस और विपक्ष के नेता एकनाथ खडसे शामिल हैं। महाराष्ट्र में भाजपा 257 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि सहयोगी छोटे दल 31 सीटों पर मैदान में हैं।

हरियाणा के चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ने भाजपा को बहुमत देने की अपील करते हुए कहा कि खंडित जनादेश से किसी का हित नहीं पूरा होगा। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भिवानी जिले के तोशाम सहित तीन रैलियों को संबोधित किया। हरियाणा में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करने वालों में राहुल गांधी, शकील अहमद, राज बब्बर, अमरिंदर सिंह और मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा शामिल हैं। हरियाणा में दूसरे प्रमुख पक्षों में राज्य के तीन ‘लाल’ परिवार शामिल हैं। इनमें जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला भी हैं।

राज्य में हाल तक मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल के बीच होता था लेकिन अब इस बार कई नए दल भी मैदान में हैं। हालांकि मुख्य प्रतिद्वंद्वी के तौर पर कांग्रेस, भाजपा और इनेलो को ही देखा जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस ने हरियाणा में 90-90 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं जबकि बसपा, भाकपा और माकपा ने क्रमश: 87, 14 और 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। हरियाणा में चार प्रदेश स्तर की पार्टियों ने 251 उम्मीदवार उतारे हैं, जिसमें इनेलो ने 88 और हजकां बीएल 65, एचएलपी के 75 उम्मीदवार शामिल हैं। इनेलो के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने हरियाणा में दो उम्मीदवार उतारे हैं। शिरोमणि अकाली दल पंजाब में भाजपा का समर्थन कर रही है, लेकिन हरियाणा में इसके उम्मीदवारों का विरोध कर रही है।

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories