महापंचायत में टूटा मंच, बाल-बाल बचे राकेश टिकैत समेत सभी नेता; कमेटी लेगी बातचीत पर फैसला

सिंघु सीमा पर दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए कंक्रीट और लोहे के बैरिकेड्स का जिक्र करते हुए टिकैत और अन्य वक्ताओं ने कहा कि खाप के सदस्य उन्हें हटा देंगे। टिकैत ने यह भी दोहराया कि सिंघु आंदोलन के केंद्र में रहेगा।

Farmer Mahapanchayat
हरियाणा के जींद में बुधवार को आयोजित महापंचायत में उपस्थित किसान नेता राकेश टिकैत और अन्य (ऊपर) तथा मौजूद भारी भीड़ (नीचे)। (फोटो-एएनआई और पीटीआई)

दिल्ली के किसान आंदोलन में बड़े नेता के रूप में उभर रहे भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश सिंह टिकैत बुधवार को हरियाणा के जींद में एक महापंचायत को संबोधित करने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मंच अचानक टूट गया। इससे राकेश टिकैत समेत सभी लोग गिर पड़े। बताया जा रहा है कि मंच पर क्षमता से ज्यादा लोग बैठे थे। हालांकि घटना में अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इस महा पंचायत का आयोजन कंडेला खाप ने किया था। पिछले करीब दो महीने से दिल्ली के गाजीपुर बार्डर पर केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे कई संगठनों के साथ भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश सिंह टिकैत भी लगातार सक्रिय हैं।

महापंचायत ने किसान संघों की 40 सदस्यीय समिति के नेतृत्व में आंदोलन जारी रखने का आह्वान करते हुए सरकार से मांग की कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए। बुधवार को जींद में कंडेला महापंचायत में भारी संख्या में उपस्थित लोगों के बीच नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत करने की अपील की।

महापंचायत को संबोधित करने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश सिंह टिकैत का भारी संख्या में मौजूद किसानों के बीच जयकारों की गूंज के साथ स्वागत किया गया। राकेश सिंह टिकैत ने कहा कि फिलहाल सरकार से बातचीत का फैसला किसान नेताओं की 40 सदस्यीय समिति लेगी। मंच पर मौजूद नेताओं बीकेयू (राजेवाल) के बलबीर सिंह राजेवाल, हरियाणा बीकेयू के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चादुनी के साथ टिकैत ने कहा, “जैसे आप सरपंच को बीच में नहीं बदलते हैं, हम आंदोलन के बीच में नेतृत्व नहीं बदलेंगे।” उन्होंने कहा कि समिति भविष्य में कार्रवाई के बारे में निर्णय लेगी।

महापंचायत का समापन पांच सूत्री संकल्प के साथ हुआ, जिसमें तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने, एमएसपी की संवैधानिक गारंटी देने, स्वामीनाथन रिपोर्ट का कार्यान्वयन, 26 जनवरी को लाल किले की घटना में किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने और उनकी उनकी रिहाई करने की मांग शामिल रही। इसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी किसान यूनियनों के साथ बातचीत करने का आह्वान किया।

सिंघु सीमा पर दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए कंक्रीट और लोहे के बैरिकेड्स का जिक्र करते हुए टिकैत और अन्य वक्ताओं ने कहा कि खाप के सदस्य उन्हें हटा देंगे। टिकैत ने यह भी दोहराया कि सिंघु आंदोलन के केंद्र में रहेगा। महापंचायत ने बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों समेत ग्रामीण उपस्थित रहे। भीड़ ने किसानों के पक्ष में नारे लगाए। इस दौरान महापंचायत आयोजन स्थल पर दो-किमी लंबे वाहनों का काफिला निकला।

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