केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। चिराग ने कहा कि आरक्षण किसी के कहने से समाप्त होने वाली चीज नहीं है। आरक्षण किसी को मिल रही खैरात भी नहीं है। आरक्षण एक संवैधानिक अधिकार है।

चिराग पासवान ने कहा कि इसके पीछे की सोच ऐसे समाज से आने वाले लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की रही है, जिनके साथ किसी न किसी कारणवश भेदभाव हुआ है। चाहें फिर वह अनुसूचित जाति के लोग हों या फिर अनुसूचित जनजाति के लोग हों।

मोदी के मंत्री ने कहा कि शेड्यूल कास्ट कौन सी कास्ट है। उन्होंने कहा कि यह वो कास्ट हैं, जो संविधान में शेड्यूल की गई हैं, जिनका आधार छुआछूत था। उनको आधार बनाया, उनको शेड्यूल किया गया और उस कास्ट को आरक्षण देने का काम किया गया।

चिराग ने कहा कि इसी तरह से अनुसूचित जनजाति हैं। यह वह कास्ट हैं जिनकी बोलचाल, रहन-सहन और वेशभूषा सब अलग है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की सोच के साथ बाबा साहब के द्वारा संविधान में आरक्षण के प्रावधान किए गए। जिनको समय-समय पर और ज्यादा सशक्त करने का काम किया गया।

चिराग ने कहा कि आज के वक्त में ऊंची जाति से आने वाले गरीब वर्ग के जो लोग हैं, उन्हें भी आरक्षण का लाभ मिलता है। अगर कोई सोचे कि इसे हम समाप्त कर देंगे, तो यह सोचना गलत है। यह संवैधानिक अधिकार है। इस पर किसी तरह की चर्चा संभव नहीं है।

रामदास अठावले के बयान पर चिराग पासवान ने कहा कि यह सभी की अपनी शब्दावली है। उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि संवाद से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है। चिराग ने कहा कि जो लोग आरक्षण हटाओ आंदोलन कर रहे हैं संभवत: ऐसे लोगों के साथ जिस दिन संवाद किया जाएगा। यकीनन उनको भी समझ में आएगा।

चिराग ने कहा कि आज भी 21वीं सदी में भेदभाव हो रहा है। उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच से जाने के बाद जिस तरह की घटना घटी, जिस तरह से मंच का शुद्धिकरण किया गया। चिराग ने कहा कि आज भी अगर इस तरह की घटनाएं घट रही हैं तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि चर्चा इस पर होनी चाहिए कि समाजिक न्याय को और ज्यादा कैसे सशक्त किया जाए।

‘आरक्षण खत्म करने की मांग करने वाले देशद्रोही’, सवर्ण समाज के आंदोलन के बीच मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री का बयान

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में सवर्ण समाज (जनरल कैटेगरी) के लोगों ने जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन को लेकर मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री रामदास अठावले ने शनिवार को सवर्ण समाज के इन लोगों को देशद्रोही बता दिया। पढ़ें पूरी खबर।