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निजी क्षेत्रों में तेजी से हो रही है स्टाफ हायरिंग, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या में गिरावट

Decline in Staff in PSU: एसबीआई की सहायक एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट्स में भी पिछले तीन वर्षों में 31 मार्च, 2022 तक 3,774 लोगों की गिरावट देखी गई, जबकि 31 मार्च, 2020 तक यह 3,967 थी।

निजी क्षेत्रों में तेजी से हो रही है स्टाफ हायरिंग, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या में गिरावट
यह प्रवृत्ति बैंकिंग और विनिर्माण से लेकर ऊर्जा और खनिजों तक सभी क्षेत्रों में देखी गई। (इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) के आधार पर शीर्ष 15 सूचीबद्ध सार्वजनिक उपक्रमों में से अधिकतर ने अपने हेडकाउंट में कमी देखी। नवीनतम वित्तीय वर्ष 2021-22 (वित्त वर्ष 22) समेत वार्षिक रिपोर्टों के विश्लेषण से यह पता चला। यह प्रवृत्ति बैंकिंग और विनिर्माण से लेकर ऊर्जा और खनिजों तक सभी क्षेत्रों में देखी गई।

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और आईआरसीटीसी को छोड़कर, जिसके वित्त वर्ष 22 के दौरान हेडकाउंट में विस्तार हुआ है, और एलआईसी जिसने 31 मार्च 2022 को समाप्त वर्ष के लिए अभी तक अपनी संख्या के बारे में नहीं बताया है, सूची में शामिल बाकी सभी कंपनियां पिछले कई वर्षों से कर्मचारियों की संख्या में गिरावट दर्ज कर रही हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, टीसीएस, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक में स्टाफ बढ़े

इंडियन एक्सप्रेस ने सोमवार को बताया था कि बाजार पूंजीकरण के आधार पर शीर्ष 10 निजी कंपनियों में से आठ ने 2021-22 के दौरान अपने मानव संसाधन में 3 लाख से अधिक लोगों को जोड़ा था। निजी क्षेत्र के अंतर्गत, वर्षभर में जिन सेवाओं में अधिकतम भर्ती देखी गई – उनमें विशेष रूप से रिटेल, आईटी सेवाओं और बैंकिंग शामिल हैं – क्योंकि कंपनियों ने मैनपॉवर के लिए टियर -2, टियर -3 और टियर -4 शहरों को चयन किया है। इन कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, इंफोसिस और टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस और मारुति सुजुकी लिमिटेड शामिल है।

भारत के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने पिछली बार 2017-18 में अपने कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि देखी थी, जब इसने वर्ष के दौरान अपने पांच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक के विलय के बाद 71,000 कर्मचारियों को अपने साथ जोड़ा था। इससे पहले भी, बैंक में कर्मचारियों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही थी। एसबीआई की सहायक एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट्स में भी पिछले तीन वर्षों में 31 मार्च, 2022 तक 3,774 लोगों की गिरावट देखी गई, जबकि 31 मार्च, 2020 तक यह 3,967 थी।

1 अप्रैल, 2019 से देना बैंक और विजया बैंक के विलय की वजह से स्टाफ में इजाफे के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा में पिछले दो वर्षों में कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है। 31 मार्च, 2022 तक बैंक में 79,806 कर्मचारी थे, यह संख्या 31 मार्च 2020 तक 84,283 कर्मचारियों से कम है।

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