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श्रीनगर: छात्रों की कई मांगों पर एनआईटी सहमत, लेकिन पीएम मोदी के तिरंगा फहराने पर साधी चुप्पी

एनआईटी श्रीनगर एक अप्रैल से ही विवाद के घेरे में है जब टी-20 क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत वेस्ट इंडीज से हार गया था और इसके बाद स्थानीय तथा दूसरे राज्यों के छात्रों के बीच झड़प हो गयी थी।
Author नई दिल्ली | April 20, 2016 20:07 pm
एनआईटी श्रीनगर

एनआईटी श्रीनगर में स्थानीय और दूसरे राज्यों के छात्रों के बीच हुई झड़प के आलोक में हुई एक बैठक में छात्रों द्वारा रखी गयी मांगों के एक दिन बाद संस्थान के प्रबंधन ने कहा कि वह छात्रों की परिषद के गठन पर विचार करेगा और संस्थान में सभी राष्ट्रीय त्योहार मनाए जाएंगे। बैठक का ब्यौरा, संचालन मंडल द्वारा किए गए फैसलों का विवरण संस्थान की वेबसाइट पर डाला गया है। लेकिन छात्रों की इस अहम मांग का कोई जिक्र नहीं है कि मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी या प्रधानमंत्री को संस्थान परिसर में तिरंगा फहराना चाहिए। बैठक में एनआईटी श्रीनगर के निदेशक रजत गुप्ता, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारी और छात्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

संस्थान की वेबसाइट के अनुसार हालिया परीक्षाओं के लिए वैकल्पिक बाह्य मूल्यांकन की अनुमति देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा छात्रों की शिकायतों के निबटारे के लिए गठित समिति उन घटनाओं के संबंध में तथ्य जुटाएगी, जिनके कारण संस्थान में तनाव पैदा हुआ। समिति के मई 15 के आसपास अपनी रिपोर्ट सौंपने की संभावना है। इस समिति में दो बाहरी सदस्य हैं। एक अधिकारी ने कहा कि एक समिति ने पहले एक अंतरिम रिपोर्ट दी थी और यह समिति मामले को आगे बढ़ाएगी। संस्थान की वेबसाइट के अनुसार यह तय किया गया है कि संचालन मंडल (बोर्ड ऑफ गवर्नर्स) रिपोर्ट और छात्रों की परिषद तथा उसके तौर तरीकों पर विचार करेगा।

तीन चार महीनों के अंदर मेडिकल सुविधाओं में वृद्धि, 80 कमरों वाले दो छात्रावासों तथा 15 कक्षाओं को छह महीने के अंदर पूरा करना, मेडिकल बिल दावों का भुगतान, परिसर में भोजन तथा फलों के स्टाल की मांगों पर भी संस्थान प्रशासन सहमत हो गया है। यह भी फैसला किया गया है कि सभी राष्ट्रीय त्योहार मनाए जाएंगे। एनआईटी भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा पहले ही उठाया जा चुका है और प्रशासन यह विषय राज्य सरकार के समक्ष उठाएगा। छात्रावासों में सुविधाएं बढ़ाए जाने से संबंधित मांगों पर जल्द गौर किया जाएगा।

एनआईटी श्रीनगर एक अप्रैल से ही विवाद के घेरे में है जब टी-20 क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत वेस्ट इंडीज से हार गया था और इसके बाद स्थानीय तथा दूसरे राज्यों के छात्रों के बीच झड़प हो गयी थी। पांच अप्रैल को स्थिति और बिगड़ गयी जब दूसरे राज्यों के छात्रों ने मार्च निकालने का प्रयास किया और पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद हिंसक घटनाएं हुयी और छात्रों ने तोड़फोड़ की वहीं पुलिस ने परिसर के अंदर छात्रों पर लाठीचार्ज किया। इसके बाद दूसरे राज्यों के कई छात्र अपने घर वापस चले गए।

मंगलवार (19 अप्रैल) को हुई बैठक में छात्रों ने स्मृति ईरानी के लिए एक पत्र अधिकारियों को सौंपा था। इसमें छात्रों ने लिखा था, ‘‘हमारा अनुरोध है कि सम्मनित मानव संसाधन विकास मंत्री अथवा भारत के प्रधान मंत्री एनआईटी श्रीनगर के छात्रों के साथ आएं और परिसर में सबसे ऊंची जगह पर बड़े आकार का तिरंगा फहराएं। इससे छात्रों में सुरक्षा का भाव आएगा और वह छुट्टियां खत्म करके वापस लौट आएंगे। इससे यह संदेश मजबूत होगा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और छात्रों को परिसर में और उसके बाहर राष्ट्र विरोधी तत्वों पर मनोवैज्ञानिक जीत हासिल होगी।’’

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