श्री श्री पर भड़के पूर्व बीजेपी सांसद, बोले- जिसने राम लला के दर्शन तक नहीं किए, वो कैसे करेगा मध्यस्थता - Sri Sri Ravi Shankar Mediation is not Accepted in Solution of Ayodhya Issue: Ram Vilas Vedanti - Jansatta
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श्री श्री पर भड़के पूर्व बीजेपी सांसद, बोले- जिसने राम लला के दर्शन तक नहीं किए, वो कैसे करेगा मध्यस्थता

राम विलास वेदांती ने कहा कि श्री श्री रवि शंकर कभी भी राम जन्म भूमि आंदोलन से जुड़े ही नहीं रहे तो वह कैसे मध्यस्थता कर सकते हैं।

Author संभल | October 30, 2017 3:28 PM
श्री श्री रविशंकर। (फाइल फोटो)

राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे भाजपा के पूर्व सांसद राम विलास वेदांती ने अयोध्या मुद्दे के समाधान में ‘आर्ट आॅफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर की मध्यस्थता प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। कल्कि महोत्सव में हिस्सा लेने आए राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य वेदांती ने संवाददाताओं से कहा, ”श्री श्री इस आंदोलन से कभी जुड़े नहीं रहे इसलिए उनकी मध्यस्थता मंजूर नहीं।” वेदांती ने दोहराया, ”श्री श्री रवि शंकर की मध्यस्थता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। राम जन्मभूमि आंदोलन राम जन्मभूमि न्यास और विश्व हिंदू परिषद ने लड़ा है इसलिए वार्ता का अवसर भी इन दोनों संगठनों को मिलना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि श्री श्री रवि शंकर कभी भी राम जन्म भूमि आंदोलन से जुड़े ही नहीं रहे तो वह कैसे मध्यस्थता कर सकते हैं। वेदांती ने कहा, ”जिसने आज तक राम लला के दर्शन नहीं किए हैं, वह मध्यस्थता कैसे कर सकता है। हम इस आंदोलन के लिए जेल गए और मुकदमे लड़ रहे हैं।” उन्होंने सवाल किया कि श्री श्री रवि शंकर मामले को सुलझाने की पात्रता कहां रखते हैं? पहले उन्हें (श्री श्री) राम लला के दर्शन और पूजा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, हम चाहते है कि इस मसले पर मुस्लिम धर्म गुरु आगे आएं और बैठकर बात करें। हम चाहते हैं कि हिन्दू और मुस्लिम बैठ कर इस मामले का हल निकालें। आपसी सहमति के आधार पर मंदिर का निर्माण हो। उल्लेखनीय है कि आर्ट आॅफ लिविंग फाउण्डेशन ने पिछले सप्ताह कहा था कि श्री श्री रविशंकर राम मंदिर विवाद का अदालत से बाहर हल खोजने में मदद के लिए निर्मोही अखाड़े के आचार्य राम दास सहित कई इमामों और साधु संतों के संपर्क में हैं।

वहीं, श्री श्री रविशंकर को रविवार को एक और झटका उस समय लगा था जब  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कोलकाता स्थित रविशंकर की इमारत को तोड़ने का आदेश दिया। आर्ट ऑफ लिविंग पर पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है, एनजीटी ने इसी मामले के चलते कोलकाता स्थित वैदिक धर्म संस्थान की बिल्डिंग को तोड़ने का आदेश दिया है। आज तक के मुताबिक आदेश है कि बिल्डिंग को तीन महीने के अंदर गिराया जाए और साथ ही जुर्माना भी लगाया जाए।

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