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JK में त्रिशंकु विधानसभा, पीडीपी बनी सबसे बड़ी पार्टी

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव में राज्य के मतदाताओं ने खंडित जनादेश दिया है। यहां पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप उभरी है तो भाजपा दूसरे स्थान पर है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को 87 सदस्यीय विधानसभा में 28 सीटें मिली हैं जो पिछली बार के मुकाबले 12 अधिक हैं। भाजपा ने 25 सीटें जीती हैं। […]
Author December 23, 2014 21:09 pm
जम्मू कश्मीर में भाजपा ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और वह पीडीपी से कुछ सीटों से ही पिछड़ी है।

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव में राज्य के मतदाताओं ने खंडित जनादेश दिया है। यहां पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप उभरी है तो भाजपा दूसरे स्थान पर है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को 87 सदस्यीय विधानसभा में 28 सीटें मिली हैं जो पिछली बार के मुकाबले 12 अधिक हैं। भाजपा ने 25 सीटें जीती हैं। पिछली बार के विधानसभा चुनाव में उसे 11 सीटें मिली थीं।

पिछले चुनाव में 28 सीटें जीतने वाली उमर की नेशनल कांफ्रेंस को इस बार खासा नुकसान हुआ है। उसने महज 15 सीटें जीती हैं। उमर के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा रही कांग्रेस ने 12 सीटें जीती हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस को 17 सीटें मिली थीं।

जम्मू-कश्मीर में पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी, झारखंड में भाजपा बनाएगी सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘मिशन 44 प्लस’ को लेकर पुरजोर प्रचार करने के बावजूद कश्मीर में घाटी और लद्दाख में एक भी सीट नहीं मिली है। निवर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बीरवाह निर्वाचन क्षेत्र में जीत गए हैं लेकिन सोनवार सीट पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

चुनाव जीतने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में पीडीपी के संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद का नाम शामिल है। उन्होंने अनंतनाग सीट पर जीत दर्ज की। जेके बैंक के पूर्व अध्यक्ष हसीब द्राबू पुलवामा में जीते हैं। पूर्व अलगाववादी सज्जाद गनी लोन ने हंदवाड़ा में नेशनल कांफ्रेंस के मंत्री चौधरी मोहम्मद रमजान को पराजित किया।

‘पीडीपी के लिए कांग्रेस से गठबंधन आसान’

उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस के तारा चंद को छम्ब सीट पर भाजपा के कृष्ण लाल के हाथों 14,790 मतों के अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा। उमर ने बीरवाह सीट पर कांग्रेस के नजीर अहमद को पराजित किया लेकिन सोनवार में पीडीपी उम्मीदवार मोहम्मद अशरफ मीर से हार गए।

सोनवार सीट पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पराजित करने वाले पीडीपी नेता अशरफ मीर ने कहा कि यह दिलचस्प मुकाबला था और उन्होंने ‘चुनाव को अच्छी तरह संभाला।’

पीडीपी से गठबंधन के लिए तैयार है कांग्रेस

मीर ने कहा, ‘‘मैं अपनी जीत को लेकर बहुत उत्साहित हूं और खुदा का शुक्रगुजार हूं। मुझे पहले से ही अपनी जीत को लेकर बहुत यकीन था और इसके बारे में अनुमान भी लगाया था। मैंने चार साल पहले कह दिया था कि मैं सोनवार जीतूंगा और आज लोगों ने उसे हकीकत कर दिया।’’

उमर के मंत्रिपरिषद के सदस्य भी चुनाव हार गए। हारने वाले प्रमुख लोगों में उप मुख्यमंत्री तारा चंद, स्वास्थ्य मंत्री ताज मोहिउद्दीन, पर्यटन मंत्री गुलाम अहमद मीर (सभी कांग्रेस), वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर और सामाजिक कल्याण मंत्री सकीना ईतू (दोनो एनसी) तथा कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर (डीपीएन) के नाम शामिल हैं।

उमर अब्दुल्ला सोनवार से हारे, बीरवाह सीट से जीते

माकपा के नेता एम वाई तारिगामी कुलगाम सीट से लगातार चौथी बार चुनाव जीत गए हैं। खानसाहिब सीट से तीसरी बार चुनाव जीतने वाले पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता हकीम मोहम्मद यासीन की भी सरकार के गठन में अहम भूमिका हो सकती है।

कांग्रेस ने सरकार गठन के लिए पीडीपी को बिना शर्त समर्थन की पेशकश की, लेकिन मुफ्ती मोहम्मद सईद की पार्टी किसी जल्दबाजी के मूड में नजर नहीं आ रही।

पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘‘हम कुछ भी करके सरकार बनाने के पक्ष में नहीं हैं। जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने और सुशासन के लिए सरकार बनाने की संभावनाएं तलाशने में समय लगेगा। यह कहना कठिन होगा कि यह कब तय होगा।’’

पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन का विकल्प खुला: भाजपा

अगर, पीडीपी और कांग्रेस हाथ मिला लेते हैं तो भी बहुमत का आंकड़ा नहीं पूरा नहीं हो पाएगा। उधर, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि पार्टी के लिए सभी तीन विकल्प खुले हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बनाने का विकल्प, एक सरकार को समर्थन देने का विकल्प और सरकार में भागीदारी का विकल्प, तीनो विकल्प खुले हुए हैं।’’

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