सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने दिवाली पर पटाखे फोड़ने को बताया सही, बोले- बच्चों के लिए मां-बाप करें त्याग, पैदल जाएं ऑफिस

वासुदेव ने लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, ‘‘अंधेरे में धकेल सकने वाले संकट के समय आनंद, प्रेम और चेतना का प्रकाश महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस दीपावली आपकी मानवता को पूरी तरह से रोशन करें। सभी को प्यार एवं शुभकामनाएं।’’

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ईशा फाउंडेशन के अध्यक्ष और आध्यात्मिक नेता सद्गुरु जग्गी वासुदेव। (Express photo by Praveen Khanna)

दिवाली पर वायु प्रदूषण को लेकर हर साल चिंता जताई जाती है। इस वजह से पटाखे बजाने को भी मना किया जाता है। हालांकि उच्चतम न्यायालय ने भी इस पर साफ किया है कि त्योहार मनाने और पटाखा बजाने से किसी को राेका नहीं जा सकता है। पटाखे जलाने पर प्रतिबंध को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच ‘ईशा फाउंडेशन’ के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने बुधवार को कहा कि दीपावली पर आतिशबाजी पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए। उन्होंने दीपावली की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘वायु प्रदूषण की चिंता कोई ऐसा कारण नहीं है, जिसकी वजह से बच्चों को पटाखे जलाने की खुशी से वंचित किया जाए…. उन्हें आतिशबाजी का आनंद लेने दें।’’

वासुदेव ने लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, ‘‘अंधेरे में धकेल सकने वाले संकट के समय आनंद, प्रेम और चेतना का प्रकाश महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस दीपावली आपकी मानवता को पूरी तरह से रोशन करें। सभी को प्यार एवं शुभकामनाएं।’’

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा था कि पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता और उसके दुरुपयोग को रोकने के तंत्र को मजबूत करना होगा। शीर्ष न्यायालय ने कोविड-19 महामारी के बीच वायु प्रदूषण को रोकने के लिए काली पूजा, दीपावली और साल के कुछ अन्य त्योहारों के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द करते हुए यह कहा।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में है और दीवाली से एक दिन पहले ज्यादातर प्रमुख शहरों में यह ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में रहा। वायु प्रदूषण मापने वाले एप ‘समीर’ के अनुसार, बुधवार को गाजियाबाद की एक्यूआई 339 दर्ज की गई। जबकि ग्रेटर नोएडा की 272, नोएडा की 314, फरीदाबाद की 325, दिल्ली की 302, बल्लभगढ़ की 214, गुरुग्राम की 332, बागपत की 319, बहादुरगढ़ की 306, बुलंदशहर की 318 और हापुड़ की एक्यूआई 317 दर्ज की गई।

पिछले कुछ दिनों में एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति विकट हुई है। गौरतलब है कि शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को ”अच्छा”, 51 और 100 के बीच ”संतोषजनक”, 101 और 200 के बीच ”मध्यम”, 201 और 300 के बीच ”खराब”, 301 और 400 के बीच ”बहुत खराब”, तथा 401 और 500 के बीच ”गंभीर” माना जाता है।

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