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मोदी-नेतन्‍याहू की मुलाकात का असर: रद्द होने के कुछ ही हफ्ते बाद 500 मिलियन डॉलर के सौदे पर फिर बन गई बात

स्पाइक एक 'फायर एंड फारगेट' मिसाइल है। इसे फौजी उठाकर ले जा सकता है। यह मिसाइल गतिशील लक्ष्यों को, जैसे टैंक, आर्मी वाहन को आसानी से निशाना बनाकर उसे नेस्तानाबूद कर सकता है।
इजरायल का एक सैनिक स्पाइक मिसाइल छोड़ता हुआ। (Rafael Advanced Defense Systems)

भारत और इजरायल के बीच संबंधों में गर्माहट का असर रक्षा सौदों में भी देखने को मिल रहा है। भारत ने इजरायल के साथ स्पाइक एंटी टैंक मिसाइल खरीदने के लिए 500 मिलियन डॉलर के समझौते को कुछ ही सप्ताह पहले रद्द कर दिया था, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतान्याहू के बीच मुलाकात के बाद यह डील फिर से बातचीत की टेबल पर आ गई है। इजरायल के पीएम ने 35 सेकेंड के एक वीडियो में ट्वीट कर कहा है कि भारत सरकार इस डील को लेकर फिर से अपनी इच्छा जताई है। उन्होंने लिखा, ‘मैंने अपने दोस्त भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जो बातचीत की है उसके बाद भारत सरकार ने हमें सूचित किया है कि वे लोग स्पाइक डील को फिर से करना चाहते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है और इसी तरह के कई और भी डील होंगे।’ हालांकि इजरायली पीएम ने यह नहीं बताया है कि इस सौदे को लेकर भारत के साथ उनकी किस तरह की बात हुई है।

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत नये डील में 500 मिलियन डॉलर से कम का सौदा करेगा। समाचार एजेंसी रायटर्स ने इजरायल के चैनल वन को कहा कि भारत अब इस सौदे की रकम को आधा कर सकता है। बता दें कि दिसंबर में भारत ने यह समझौता रद्द कर दिया था। भारत ने तब एंटी टैंक मिसाइल के लिए देश की रक्षा कंपनी DRDO पर भरोसा किया था। DRDO ने वादा किया था कि उसके वैज्ञानिक 4 साल में वर्ल्ड क्लास मिसाइल डेवलप करेंगे। हालांकि आर्मी ने कहा था कि इन मिसाइलों के लिए 2022 तक इंतजार करना देश के रक्षा हित के लिए सही नहीं होगा। बता दें कि स्पाइक एक ‘फायर एंड फारगेट’ मिसाइल है। इसे फौजी उठाकर ले जा सकता है। यह मिसाइल गतिशील लक्ष्यों को, जैसे टैंक, आर्मी वाहन को आसानी से निशाना बनाकर उसे नेस्तानाबूद कर सकता है। खास बात यह है कि इस मिसाइल को छोड़ने के बाद इसे फायर करने वाला जवान तुरंत कवर के लिए छुप सकता है, वहां से दूर हट सकता है।

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