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आंध्र को विशेष दर्जा देने के मुद्दे का जल्द होगा समाधान: जेटली

सोमवार सुबह सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही वाइएसआर कांग्रेस के सदस्य आसन के पास आकर आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की अपनी मांग दोहराने लगे।
Author नई दिल्ली | August 9, 2016 02:12 am
लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली। (PTI Photo / TV GRAB/File)

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार (8 अगस्त) को लोकसभा में आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चन्द्रबाबू नायडू के साथ बातचीत काफी अंतिम चरण में है और सरकार जल्द ही किसी समाधान पर पहुंचेगी। इस मुद्दे को लेकर सप्ताह भर से ज्यादा समय से लोकसभा में नारेबाजी कर रहे वाइएसआर कांग्रेस के सदस्यों से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वे पहले भी कई बार सदन में इस संबंध में आश्वासन दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश के मुद्दे का संज्ञान लिया है और वे इस बात से सहमत है कि विभाजन के समय राजस्व और वित्त के मामले में आंध्र प्रदेश के साथ अन्याय हुआ है जिसकी भरपाई की जानी चाहिए।

सुबह सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही वाइएसआर कांग्रेस के सदस्य आसन के पास आकर आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की अपनी मांग दोहराने लगे। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने नारेबाजी कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने को कहा और उन्हें दो बार चेतावनी भी दी। लेकिन वाइएसआर कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी। प्रश्नकाल और शून्यकाल में नारेबाजी जारी रही। पिछले सप्ताह शुरू के दो दिन तक राजग में सहयोगी तेलगूदेशम पार्टी (तेदेपा) के सांसदों ने भी लोकसभा में नारेबाजी की थी। आज शून्यकाल के दौरान तेदेपा के राममोहन नायडू ने इस मुद्दे को उठाया था। इससे पहले कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वाइएसआर कांग्रेस के सदस्य इतने दिनों से इस मुद्दे को उठा रही है और सरकार सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे का जल्द समाधान निकालने की मांग की। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने भी कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि वाइएसआर कांग्रेस सदस्य इतने दिन से नारेबाजी कर रहे हैं और सरकार कोई समाधान निकालने की इच्छुक दिखाई नहीं देती।

उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि उन्हें और अन्य विपक्षी नेताओं को अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर बातचीत के लिए नहीं बुलाया। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने हालांकि उनके आरोप का सख्ती से विरोध करते हुए कहा कि कोई भी बात होती है तो सभी पार्टियों के नेताओं को बुलाकर विचार -विमर्श किया जाता है। शून्यकाल में वाइएसआर कांग्रेस के सदस्यों की ओर से आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर जब आसन के समक्ष नारेबाजी की जा रही थी तो इसी बीच मुलायम सिंह खड़े हुए और कहा कि कभी हम लोगों को भी बोलने का मौका दें। इस पर जब अध्यक्ष ने उनकी बात को हंसी में उड़ाने की कोशिश की तो मुलायम सिंह नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि ‘आप हंसी में हमारी बात को टाल रही हैं। लोकतंत्र बातचीत से चलता है। बड़े- बड़े स्पीकर देखे हैं हमने।’ उन्होंने सदन संचालन के अध्यक्ष के तौर तरीकों पर सवाल किया।

इस पर अध्यक्ष सकते में आ गईं और उन्होंने नाराजगी के साथ कहा ‘आप इस प्रकार बात मत करिए। उन्होंने कहा कि मैंने किसी को बोलने की अनुमति नहीं देने की बात कभी नहीं कही।’ अध्यक्ष ने कहा ‘मैं नियमों का पालन कर रही हूं जो स्वयं सदन ने बनाए हैं।’ उन्होंने साथ ही कहा कि वह सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से विचार विमर्श करती रही हैं। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री दो बार इस मुद्दे पर बोल चुके हैं और यह संभव नहीं है कि हर मुद्दे का समाधान निकल जाए। मुलायम सिंह ने कहा कि उन्हें भी सदन का लंबा अनुभव है और वह आसन में विश्वास रखते हैं लेकिन आसन की परवाह नहीं है कि हम और बाकी अन्य सदस्य यहां बैठे हैं। उन्होंने सदन में मौजूद गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुखातिब होते हुए कहा ‘आपकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हमको बुला लेते, इनको ( वाइएसआर कांग्रेस सदस्य ) बुला लेते। इनकी मांग जायज हो तो मान लीजिए नहीं जायज है तो इन्हें संतुष्ट करिए।’ अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार तो वह सदन नहीं चला सकतीं। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई और शून्यकाल जारी रहा।

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