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विजय माल्या को स्पेशल कोर्ट ने घोषित किया ‘आर्थिक भगोड़ा अपराधी’

केंद्र सरकार अब उसकी संपत्तियां जब्त कर सकेगी।

शराब कारोबारी विजय माल्या पर भारत के विभिन्न बैंकों का हजारों करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है। (फोटोः रॉयटर्स)

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को स्पेशल प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट ने शनिवार (पांच जनवरी, 2019) को आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया। केंद्र सरकार अब उसकी संपत्तियां जब्त कर सकेगी। पांच फरवरी को इस मसले पर कोर्ट सुनवाई करेगा। बता दें कि कोर्ट के इस ऐलान के बाद माल्या पहला कारोबारी बन गया है, जिसके खिलाफ नए एंटी-फ्रॉड कानून (भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018) के तहत मामला दर्ज हुआ है। कोर्ट ने इसके अलावा उसकी उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें अपील करने के लिए शराब कारोबारी की तरफ से कुछ और वक्त देने की बात कही गई थी।

शनिवार को कोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें माल्या को आर्थिक भगोड़ा घोषित करने के लिए मांग की गई थी। माल्या जिस कानून के तहत आर्थिक भगोड़ा घोषित किया गया है, उससे जुड़े दस्तावेजों पर पिछले साल अगस्त में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दस्तखत किए थे। यह कानून उन लोगों को पकड़ने के मकसद से बनाया गया था, जो देश में आर्थिक अपराध कर के विदेश भाग जाते हैं।

नए कानून के मुताबिक भगोड़ा आर्थिक अपराधी वह शख्स होता है, जिसके खिलाफ 100 करोड़ या उससे अधिक के आर्थिक अपराध को लेकर अरेस्ट वॉरंट जारी हो चुका होता है। साथ ही वह न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए देश से भाग चुका होता है। ऐसे लोगों की संपत्तियां तत्काल प्रभाव से जब्त कर ली जाती हैं।

इससे पहले, यूके स्थित वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने ब्रिटेन सरकार को माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया था। शराब कारोबारी पर भारत के विभिन्न बैंकों का लगभग नौ हजार करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है, जिसे लेकर वह लंदन भाग गया था।

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