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चुनाव आते ही बादलों पर शिंकजाः पंजाब के पूर्व सीएम को एसआईटी का समन, कोटकपूरा पुलिस फायरिंग केस में पेशी

एसआईटी ने पहले भी प्रकाश सिंह बादल को कोटकपूरा पुलिस गोलीकांड में पूछताछ के लिए बुलाया था।

एसआईटी ने कोटकपूरा पुलिस फायरिंग केस की जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को 16 जून को पेश होने को कहा है। (एक्सप्रेस फोटो: गुरमीत सिंह)

2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में सियासत तेज हो गई है। साल 2015 में हुए कोटकपूरा पुलिस गोली कांड में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के सुप्रीमो प्रकाश सिंह बादल को एसआईटी ने समन भेजा है। एसआईटी ने प्रकाश सिंह बादल को 16 जून को पेश होने को कहा है। कोटकपूरा पुलिस फायरिंग कांड के समय प्रकाश सिंह बादल ही पंजाब के मुख्यमंत्री थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एडीजीपी एलके यादव की अगुवाई वाली एसआईटी ने कोटकपूरा पुलिस फायरिंग केस की जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को 16 जून को मोहाली स्थित गेस्ट हाउस में पेश होने को कहा है। हालांकि एसआईटी ने पहले भी प्रकाश सिंह बादल को कोटकपूरा गोलीकांड में पूछताछ के लिए बुलाया था। तब एसआईटी की अगुवाई पंजाब पुलिस के आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह कर रहे थे। 

पिछले दिनों पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कोटकपूरा पुलिस फायरिंग केस की जांच कर रही कुंवर विजय प्रताप सिंह की अगुवाई वाली एसआईटी की रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया था और नई एसआईटी बनाने का आदेश दिया था। नई एसआईटी कमेटी में शामिल नहीं किए जाने पर कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब पुलिस से स्वैछिक सेवानिवृति ले ली थी। वर्तमान में एसआईटी की अगुवाई एल के यादव कर रहे हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एल के यादव की अगुवाई वाली एसआईटी को छह महीने के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। 

इस हाईप्रोफाइल पुलिस फायरिंग केस में एसआईटी पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी समेत तीन वरीय पुलिस अधिकारियों से भी पूछताछ कर चुकी है। एसआईटी अब तीनों वरीय अधिकारियों की नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में हैं। इसके अलावा एसआईटी ने फरीदकोट अदालत से पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल व पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा का नार्को, लाई डिटेक्टर व ब्रैन मैपिंग टेस्ट करवाने की इजाजत मांगी है।

क्या है मामला: साल 2015 में पंजाब के फरीदकोट जिले के एक गांव में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की चोरी हुई थी। बाद में 12 अक्टूबर 2015 को फरीदकोट के ही बरगाड़ी गांव में गुरु ग्रंथ साहिब के कुछ फटे हुए पन्ने मिले थे। जिसके बाद लोगों ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान ही फरीदकोट के कोटकपूरा में पुलिस के साथ हुई झड़प के दौरान दो लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हो गए थे। बाद में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इसकी जांच के आदेश दे दिए थे और एसआईटी बनाई गई थी।

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