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BJP छोड़ सपा में गई कुंदनिका शर्मा को मिला विधानसभा टिकट, अखिलेश सरकार ने वापस लिए 11 केस

पिछले महीने भाजपा छोड़ समाजवादी पार्टी में शामिल हुई आगरा पार्षद कुंदनिका शर्मा को आगरा उत्‍तर विधानसभा सीट से टिकट मिल गया है।

समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव के साथ कुंदनिका शर्मा(दायीं तरफ)। (Express archive Photo)

पिछले महीने भाजपा छोड़ समाजवादी पार्टी में शामिल हुई आगरा पार्षद कुंदनिका शर्मा को आगरा उत्‍तर विधानसभा सीट से टिकट मिल गया है। कुंदनिका को मार्च में विश्‍व हिंदू परिषद के एक कार्यकर्ता की हत्‍या के बाद भड़काऊ बयान देने के मामले में गिरफ्तार भी किया गया था। अब सामने आया है कि उनके सपा में आने से 8 महीने पहले ही अखिलेश यादव सरकार ने उनसे 11 केस वापस लेने की तैयारी शुरू कर दी थी।

कुंदनिका ने बताया,’पिछले कुछ सालों में आगरा के अलग-अलग थानों में 18 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें धरना-प्रदर्शन और दंगों के मामले शामिल थे।’ उन्‍होंने बताया कि राज्‍य सरकार ने पिछले 6-8 महीनों में ये मामले वापस लिए हैं। उनके वकील बसंत गुप्‍ता ने उनके 15 केस के बारे में बताया। उन्‍होंने कहा,’राज्‍य सरकार ने पिछले आठ महीने में कुंदनिका शर्मा से 11 केस वापस लेने का आदेश दिया है। चार केस वापस लेने की अर्जियां कोर्ट स्‍वीकार कर चुका है जबकि सात अभी पेडिंग हैं। वहीं चार अन्‍य मामलों में पुलिस ने उनके खिलाफ क्‍लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है।’

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कुंदनिका शर्मा पर फरवरी में आगरा में मारे गए विहिप कार्यकर्ता अरुण माहौर की शोक सभा के दौरान भड़काऊ बयान देने का मामला दर्ज किया गया था। इस शोक सभा में केंद्रीय मंत्री रामशंकर कथेरिया और आरएसएस, भाजपा व विहिप के कई अन्‍य नेता भी शामिल हुए थे। सपा में शामिल होने के बाद से कुंदनिका ने अरुण की हत्‍या पर अपना रूख भी बदल लिया है। उन्‍होंने कहा कि उसे मु‍सलमानों ने नहीं अपराधियों ने मारा। कुंदनिका ने कहा,’हमारे कार्यकर्ता को किसी मुस्लिम ने नहीं मारा, अपराधी ने मारा।’

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उन्‍होंने कहा,’भाषण के मेरे बयान को गलत समझा गया। मैंने मुस्लिम शब्‍द का इस्‍तेमाल नहीं किया। मेरा मतलब था उन अपराधियों को मारना चाहिए, जो हमारे बच्‍चों को मार रहे हैं। हमें हमारा बदला लेना चाहिए।’ भाजपा छोड़ने के बारे में कुंदनिका ने बताया,’पार्टी में मेरी उपेक्षा की जा रही थी। भड़काऊ बयान सीनियर नेताओं ने दिया लेकिन एफआईआर मेरे जैसे दूसरी पंक्ति के नेताओं पर दर्ज की गई। मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद सीनियर नेताओं ने न तो मुझसे संपर्क किया और न ही मेरा फोन उठाया।’

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कुंदनिका ने कहा,’ मेरा परिवार हमेशा से नेताजी(मुलायम सिंह यादव) के करीब था। लेकिन मैं 27 साल तक भाजपा के साथ रही। बावजूद इसके भाजपा में मेरा अपमान हुआ। 2012 में मुझे आगरा उत्‍तर से टिकट देने से मना कर दिया गया। 16 अप्रैल को नेताजी ने मुझे फोन किया और पार्टी में शामिल होने को कहा। मैंने उनकी बात मान ली।’ बता दें कि कुंदनिका शर्मा के पिता गोपालदास नीरज मशहूर हिंदी कवि हैं। वे पद्म भूषण से सम्‍मानित हो चुके हैं। वर्तमान में वे उत्‍तर प्रदेश भाषा संस्‍थान के चेयरमैन हैं और उनके पास केबिनेट मंत्री का दर्जा है।

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