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मदरसा ड्रेस कोड: आजम खान ने कसा यूपी सीएम पर तंज, पूछा- क्या योगी पहनेंगे जींस?

आजम खान ने मदरसा ड्रेस कोड विवाद को लेकर योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। आजम खान ने योगी आदित्यनाथ को सलाह दी है कि वे मदरसे के बच्चों के ड्रेसकोड को तय करने की जगह खुद जींस पहनना शुरू कर दें।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान। Express photo by Vishal Srivastav 14.12.2017

उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ सपा नेता आजम खान अक्सर अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहते हैं। इस बार आजम खान ने मदरसा ड्रेस कोड विवाद को लेकर योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। आजम खान ने योगी आदित्यनाथ को सलाह दी है कि वे मदरसे के बच्चों के ड्रेसकोड को तय करने की जगह खुद जींस पहनना शुरू कर दें। जबकि ये पूरा विवाद ही इस खबर के साथ शुरू हुआ था कि सरकार मदरसे में ड्रेस कोड लागू करना चाहती है।

‘अपना ड्रेस कोड बदलें योगी’: इससे पहले यूपी सरकार के हज और वक़्फ राज्य मंत्री मोहसिन रज़ा ने ये बयान दिया था कि सरकार मदरसों में एकरूपता बढ़ाने के लिए परंपरागत पोशाक कुर्ता-पायजामा की जगह नया ड्रेस कोड लाना चाहती है। आज़म खान ने कहा,”मैंने पहले ही कहा था कि मदरसों में हिंदू—मुस्लिम दोनों को साथ पढ़ना चाहिए। मदरसों में लोगों को किसी धर्म की बंदगी के लिए दबाव नहीं डाला जाता। योगी आदित्यनाथ को बच्चों का ड्रेस कोड बदलने की जगह अपना ड्रेसकोड बदलना चाहिए। वह जींस पहनना शुरू कर सकते हैं।”

क्या सजा देगी सरकार?: हालांकि इस पूरे विवाद पर सफाई देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने ड्रेस कोड विवाद को नकार दिया है। लेकिन फिर भी आजम खान का बेहद तल्ख बयान इस मामले में सामने आया है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ से पूछा,”अगर मदरसे इस ड्रेस कोड को मानने से इन्कार कर देते हैं। इस सूरत में सरकार उन्हें सजा क्या देगी? क्या इस हालत में मदरसे ढहा दिए जाएंगे। मदरसा शिक्षकों पर तेजाब फेंका जाएगा। क्या किया जाएगा? मैं कहता हूं कि ये अच्छी बात होगी कि जो लोग इस ड्रेस कोड को न मानें, सरकार उन्हें सजा दे।”

al-jamiah al-islamiya madrassa, india news, jansatta तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

लागू है अघोषित आपातकाल!: सपा नेता आजम खान ने आगे कहा,”एनसीईआरटी के कोर्स/सिलिबस को मदरसों पर लागू किया जाना चाहिए। साहेब (योगी आदित्यनाथ) आप जो भी करना चाहें, आप कर सकते हैं। इंदिरा गांधी का आपातकाल क्या था और नरेंद्र मोदी का वर्तमान आपातकाल क्या है? इंदिरा गांधी का आपातकाल घोषित किया गया था जबकि नरेंद्र मोदी का आपातकाल अघोषित है। अघोषित आपातकाल, घोषित आपातकाल से ज्यादा खतरनाक है।

क्या है पूरा विवाद?: तीन जुलाई 2018 को यूपी के हज और वक़्फ राज्य मंत्री मोहसिन रज़ा ने कहा कि मदरसों में एक व्यवस्थित ड्रेस कोड लागू किया जाएगा। ठीक उसी वक्त प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि ऐसी कोई नीति नहीं है। चौधरी ने इस संबंध में ट्वीट करके बताया था कि सरकार ऐसी कोई भी नीति नहीं ला रही है जो मदरसों के ड्रेस कोड में बदलाव की पक्षधर हो। इस विषय को लेकर विभाग का कोई मत नहीं है।

नाराज हुए मौलाना: इस पूरे विवाद में मदरसा दारुल उलूम फिरंगी महल के मौलाना मोहम्मद हारून ने कहा कि ये हमारी धार्मिक आजादी का मामला है कि हमें मदरसे में पढ़ना चाहिए और मदरसे में क्या पहनना चाहिए। हमारे धार्मिक मामलों में दखल देने का सरकार को कोई अधिकार नहीं है।

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