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पत्नी पर टिप्पणी से आहत हुए मुलायम सिंह, अखिलेश समर्थक MLC उदयवीर सिंह को पार्टी से निकाला

बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता किरणमॉय नंदा ने सभी पार्टी नेताओं को सोच-समझकर बोलने की हिदायत दी है। साथ ही कहा है कि मुलायम सिंह जो कहेंगे वह सभी के लिए मान्य होगा।

tavleen singh column, Politics in legacy, UP Assembly polls 2017, Mulayam Singh news, Akhilesh yadav Newsमुलायम सिंह यादव और यूपी के पूर्व सीएम अख‍िलेश यादव (पीटीआई फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी में कलह और उसके सुलह की कोशिशें जारी है। पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री बेटे अखिलेश यादव के करीबी विधान पार्षद उदयवीर सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। उदयवीर सिंह ने दो दिन पहले मुलायम सिंह को चिट्ठी लिखी थी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उदयवीर सिंह ने इस चिट्ठी में मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता पर अखिलेश को नजरअंदाज कराने के आरोप लगाए थे। साथ ही उदयवीर सिंह ने पार्टी सुप्रीमो से अनुरोध किया था कि सभी शिकवा-शिकायतों को भुलाकर अखिलेश यादव के नेतृत्व में विधान सभा चुनाव लड़ा जाय। सूत्रों के मुताबिक उदयवीर सिंह की ये बात मुलायम सिंह को बुरी लगी। उन्होंने शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक में ये बात साझा की।

बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता किरणमॉय नंदा ने सभी पार्टी नेताओं को सोच-समझकर बोलने की हिदायत दी है। साथ ही कहा है कि मुलायम सिंह जो कहेंगे वह सभी के लिए मान्य होगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद बेनी प्रसाद वर्मा ने भी कहा कि पार्टी में सबकुछ ठीक ठाक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से गहन विचार विमर्श के बाद चुनाव कार्यों में हमलोग भिड़ने जा रहे हैं।

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इस बीच समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेताओं ने शनिवार को मुलायम सिंह यादव से लखनऊ आवास पर बैठक की। इस बैठक में शिवपाल यादव को भी बुलाया गया था। माना जा रहा है कि इस बैठक में सुलह की कोशिशों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद शिवपाल यादव ने कहा कि चुनाव जीतने पर अखिलेश यादव ही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि अखिलेश और उनके बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। पार्टी में सबकुछ ठीक है। इस बीच यह भी खबर आई कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने मंत्री गायत्री प्रजापति से मिलने से इनकार कर दिया। गायत्री प्रजापति वहीं मंत्री हैं, जिन्हें अखिलेश ने हटा दिया था और बाद में मुलायम सिंह के कहने पर फिर कैबिनेट में शामिल किया था। गायत्री प्रजापति को पार्टी की रजत जयंती कार्यक्रम का जिम्मा सौंपा गया है लेकिन अखिलेश के इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की अटकलें हैं।

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