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भारत शांतिप्रिय देश, लेकिन देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए सबकुछ करेंगे : राष्ट्रपति

यद्यपि हम एक शांतिप्रिय देश हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा के क्रम में राष्ट्रीय शक्ति के सभी उपकरणों का इस्तेमाल करेंगे

Author अहमदनगर | Published on: April 15, 2017 4:02 PM
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी। (File Photo)

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि भारत यद्यपि एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन हम अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सबकुछ करेंगे । मुखर्जी ने आर्मर्ड कॉर्प्स सेंटर एंड स्कूल को राष्ट्रपति का प्रतिष्ठित स्टैंडर्ड प्रदान किया तथा प्रशिक्षण संस्थान से आगामी वर्षों में और पेशेवर दक्षता के लिए प्रयास करने को कहा । राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा, ‘‘कोई भी देश राष्ट्रीय शक्ति के सभी तत्वों से अपनी शक्ति हासिल करता है और उसके सशस्त्र बल राष्ट्रीय शक्ति का एक बड़ा स्रोत होते हैं । यद्यपि हम एक शांतिप्रिय देश हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा के क्रम में राष्ट्रीय शक्ति के सभी उपकरणों का इस्तेमाल करेंगे ।’’

उन्होंने समारोह के दौरान एक विशेष दिवस कवर भी जारी किया ।आर्मर्ड कॉर्प्स सेंटर एंड स्कूल :एसीसी एंड एस: ब्लैक बेरट्स के मक्का के रूप में जाना जाता है और इसकी कमान मेजर जनरल प्रवीण दीक्षित के हाथों में है । संस्थान को इसकी ‘‘सराहनीय सेवा’’ की मान्यता के रूप में सम्मानित किया गया जो एक महत्वाकांक्षी यांत्रिक युद्ध संस्थान है तथा यह मशीनों के पीछे काम करने वाले लोगों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराता है ।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि सेंटर एंड स्कूल आने वाले वर्षों में पेशेवर उत्साह के साथ दक्षता के लिए लगातार प्रयासरत रहेगा तथा राष्ट्र की सेवा करेगा ।’’उन्होंने भरोसा व्यक्त किया कि भारत के वीर सैनिक विजयी भावना के साथ चुनौतियों से उसी तरह निपटेंगे जैसा उन्होंने विगत में किया है । सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर ने कहा कि हमारे सशस्त्र बल अपने से उच्च्पर सेवा के उच्चतम मानकों को रखकर अपने दायित्वों को पूरा करने में आज हमारे समक्ष आदर्श के रूप में खड़े हैं ।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सेना और दूसरे देशों के भी अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों तथा अन्य रैंक के अधिकारियों को श्रेष्ठ प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में एसीसी एंड एस की गौरवशाली एवं समृद्ध परंपरा रही है ।उन्होंने रेखांकित किया कि जोजिला दर्रे, खेमकरण, असल उत्तर, चाविंडा तथा अन्य जगहों पर ऐतिहासिक विजयी टैंक लड़ाइयां लड़ने वाले नायकों को एसीसी एंड एस में ही प्रशिक्षण मिला था ।
यह उल्लेख करते हुए कि ये मशीनों के पीछे रहने वाले व्यक्ति हैं जो सर्वाधिक मायने रखते हंै, मुखर्जी ने कहा कि यह भारत द्वारा लड़े गए सभी युद्धों में समय…समय पर साबित हुआ और हमारे टैंक नायकों के श्रेष्ठ प्रशिक्षण ने उन्हें आध्ुानिक टैंकों वाले अपने शत्रु को नष्ट करने में सफल बनाया ।

एसीसी एंड एस के कर्मियों के ‘‘अथक एवं अनवरत’’ कड़े परिश्रम को मान्यता देते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान भारतीय सेना को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने वाला एक ‘‘उत्कृष्ट केंद्र’’ है ।महाराष्ट्र के मंत्री राम शिंदे और सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी इस अवसर पर मौजूद थे ।

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