मालवीय नगर के होटल में हुए अग्निकांड में मारे गए और घायलों के परिजन अपनों को तलाश रहे हैं। इनमें से भी ऐसे लोगों की परेशानी ज्यादा है जिनके परिचित विदेश से अपना इलाज कराने के लिए साकेत मैक्स अस्पताल आए थे। ऐसे लोग बांग्लादेश और अफ्रीका के अलग-अलग देशों से आए थे।
इस हादसे में 12 विदेशी नागरिकों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैं। मालवीय नगर अग्निकांड में कुल 21 लोगों की मौत हुई है।
नाइजीरिया के दो लोग शाम को एम्स के मुर्दाघर के बाहर पहुंचे। उनके पास नाइजीरिया के लापता दो लोगों की तस्वीर और पहचान पत्र थे। वे मुर्दाघर के अंदर गए और थोड़ी देर में बाहर आ गए। इसके बाद वे सफदरजंग अस्पताल गए, यहां गंभीर रूप से जले लोगों को का इलाज चल रहा था।
नाइजीरिया के ये लोग 36 साल के चिएमेका इमैनुअल और 39 साल की न्दुबुसी फर्डिनेंड को खोज रहे थे। इमैनुअल और फर्डिनेंड जिस होटल में आग लगी, उसमें ठहरे हुए थे।
दो में से एक नाइजीरियाई नागरिक ने बताया कि हम उनकी तलाश कर रहे हैं, हम नाइजीरिया में एक ही गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे बचाव कर्मियों को एक वीडियो क्लिप दिखाई जिसमें एक शख्स फर्डिनेंड जैसा लग रहा था।
बांग्लादेश के भी लोग हैं शामिल
बांग्लादेश के तीन लोगों का भी अब तक कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इनमें- मोहम्मद नूरुल अमीन, मोहम्मद चांद मिया और मोहम्मद नूर मियां शामिल हैं। इस अग्निकांड में बांग्लादेश के छह लोग घायल भी हो गए जिनमें कम से कम दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बांग्लादेश उच्चायोग के एक अफसर का कहना है कि कई पीड़ित बुरी तरह जल गए हैं और इसलिए उनकी पहचान नहीं की जा सकती। बांग्लादेश के लोग इलाज के लिए आए अपने परिवार के सदस्यों के साथ दिल्ली आए हुए थे।
घायलों में मुशर्रफ हुसैन का भी नाम है, उन्हें साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ओम्मे ज़हूरा और रहाना अख्तर को एम्स में और उम्मे सामिया पुतु को मैक्स स्मार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कुछ विदेशी नागरिकों की मौत
एम्स ट्रॉमा सेंटर में कुछ विदेशी नागरिकों की मौत भी हो गई है। इसमें लाइबेरिया और मोजाम्बिक के एक-एक शख्स शामिल हैं। कई शव बुरी तरह जल चुके हैं और इनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
अधिकारियों का कहना है कि मृतक के परिजनों को इसकी जानकारी देने में वक्त लग सकता है हालांकि भारत ने कहा है कि विदेश मंत्रालय इस मामले में दूतावासों के साथ संपर्क में है और जरूरी मदद कर रहा है। इसके अलावा भारत के भी जिन लोगों की जान इस हादसे में गई है, उनके परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
