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कई पुलिसवालों के रिश्‍तेदारों को उठा ले गए आतंकी, एसएसपी ने किया इंकार

दक्षिणी कश्मीर के चार जिलों शोपियां, कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग में संदिग्ध आतंकवादियों ने पुलिसकर्मियों के घरों पर छापा मारा। इसके बाद आतंकवादी उनके घरों से उनके बेटों और भाइयों को उठा ले गए।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (Express Photo By Shuaib Masoodi)

जम्मू-कश्मीर में गुरुवार (30 अगस्त) को पुलिसकर्मियों के कम से कम चार करीबी रिश्तेदारों का आतंकियों ने अपहरण कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, दक्षिणी कश्मीर के चार जिलों शोपियां, कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग में संदिग्ध आतंकवादियों ने पुलिसकर्मियों के घरों पर छापा मारा। इसके बाद आतंकवादी उनके घरों से उनके बेटों और भाइयों को उठा ले गए।

इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कश्मीर के आईजी एसपी पाणि ने कहा,” हम इस मामले को देख रहे हैं। हमें अभी तक औपचारिक रूप से कोई शिकायत नहीं मिली है।” हालांकि कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कश्‍मीर में हाई अलर्ट जैसे हालात देखे जा रहे हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर गांदरबल के एसएसपी के. पोसवाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात की। उन्होंने कहा,” गांदरबल में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। हम इसे जमीनी तौर पर प्रमाणित करते हैं। मैं खुद आज सुबह पूरे इलाके का दौरा करके आया हूं। हर चीज बिल्कुल सामान्य है।”

ये खबर उस घटना के ठीक एक दिन बाद आई है। जब जम्मू और कश्मीर पुलिस के चार पुलिसकर्मियों की संदिग्ध आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। जबकि सेना पर भी ऐसे आरोप लगाए गए थे, जिसमें आतंकवादियों के घरों को जला दिया गया था। ये दोनों ही घटनाएं शोपियां जिले में ही हुई थीं। सेना ने इन आरोपों से इंकार किया है। उसी दिन, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिज्‍ब उल मुजाहिदीन के आॅपरेशन प्रमुख रिजाज़ नईकू के पिता को भी गिरफ्तार किया था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा,” ये आतंकवादियों के रिश्तेदारों की गिरफ्तारी पर की गई प्रतिक्रिया जैसा दिखता है। इसका मकसद पुलिस फोर्स के ऊपर दबाव बनाना है।” सूत्रों का कहना है कि दो लोग, जो पुलिसकर्मियों के भाई थे, कुलगाम के अरवानी इलाके से अपहरण कर लिए गए। त्राल जिले में, एक पुलिसकर्मी के बेटे का अपहरण कर लिया गया था। जबकि चौथा मामला कुलगाम जिले के यामरच का है। ये मामले भी पुलिसकर्मी के रिश्तेदार के अपहरण है।

बुधवार (29 अगस्त) को चार पुलिसकर्मियों की शोपियां जिले में हत्या कर दी गई थी। ये सभी पुलिसकर्मी एक अधिकारी के सुरक्षाकर्मी थे। जब उन पर हमला किया गया, उस वक्त वह पुलिस वाहन को मरम्मत के लिए ले जा रहे थे। हमले के बाद, शहीद पुलिसकर्मियों से आतंकवादी तीन हथियार लूटकर भाग गए थे। इस हमले को इस साल का तीसरा सबसे बड़ा आतंकी हमला माना गया था।

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