सोनू सूद की बहन पंजाब में लड़ेंगी विधानसभा चुनाव, जानें कौन हैं मालविका

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात की थी। इससे पहले वह आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि जल्द ही वह अन्य पार्टी के नेताओं के साथ मुलाकात भी कर सकते हैं।

Sonu-Sood-sister-joins-politics
मोगा में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सोनू सूद अपनी बहन मालविका सूद के साथ। Express Photo

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की बहन मालविका सूद, पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही हैं। एक्टर ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेस करके इसकी जानकारी दी, उन्होंने कहा कि वह किस पार्टी की तरफ से चुनावी मैदान में उतरेंगी इस पर फैसला नहीं लिया है लेकिन सही समय आने पर इसकी भी घोषणा कर दी जाएगी। मोगा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक्टर सूद ने कहा कि मालविका तैयार है, लोगों की सेवा करने का जो जज्बा उनके अंदर है उसका कोई तोड़ नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि मालविका, मोगा सीट से ही चुनाव लड़ेंगी।

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात की थी। इससे पहले वह आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुलाकात भी कर चुके हैं। अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि जल्द ही वह अन्य पार्टी के नेताओं के साथ मुलाकात भी कर सकते हैं।

कौन हैं मालविका : तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी, मालविका सूद सच्चर (38) समाजसेवी हैं। मोगा जिले में वह शिक्षा और स्वास्थ्य के सेक्टर में अपने सामाजिक कामों के खासी जानी जाती हैं। कोविड काल के दौरान एक्टर सोनू सूद ने जिस तरह लोगों की मदद की, उनकी छवि एक कलाकार के साथ साथ एक समाजसेवी की भी बन चुकी है। इसके अलावा उनकी सबसे बड़ी बहन का नाम मोनिका शर्मा है, जो अमेरिका में बस गई हैं वह फार्मास्युटिकल पेशेवर हैं। मौजूदा समय में मालविका और सोनू, मिलकर अपने दिवंगत माता-पिता की याद में चैरिटी फाउंडेशन चलाते हैं।\

मालविका एक क्लावीफाइड कंप्यूटर इंजीनियर हैं और मोगा शहर में IELTS कोचिंग सेंटर चलाती है, जहां जरूरतमंद छात्रों को मुफ्त अंग्रेजी कोचिंग प्रदान करती है। उनकी शादी गौतम सच्चर से हुई थी। पति पत्नी मिलकर फाउंडेशन के चैरिटी प्रोजेक्ट को संभालते हैं।

गौतम सच्चर एक शिक्षाविद् हैं, वह बताते हैं कि पूरे देश में करीब 20 हजार से बच्चों पढ़ाई को सपोर्ट कर रहे हैं इसके अलावा जरूरतमंद मरीजों की सर्जरी का खर्चा भी उठाते हैं। कोविड काल के दौरान मालविका गरीब बच्चों के लिए फ्री ऑनलाइन क्लासेज भी चलाती थीं।

इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक इंटरव्यू में मालविका ने का था कि उन्हें पंजाबी मूल्यों पर बहुत गर्व है जो दूसरों की सेवा सिखाता है। हमारे अंदर जो पंजाबियत है और जोकुछ हमारे मां बाप ने हमें सिखाया, उसी का नतीजा है कि हम किसी का दुख देख नहीं पाते हैं और मदद का प्रयास करते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर आज हमारे माता पिता जिंदा होते तो वो यह देखकर खुश होते कि सोनू किस तरह से जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट