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कोई बोला टूट जाएगी कांग्रेस पार्टी तो किसी ने दी ‘घर बैठ जाने’ की धमकी! जानें कैसे सोनिया गांधी दोबारा बनीं अध्यक्ष

CWC meeting: सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष उस वक्त तक के लिए बनाया गया है, जब तक नए अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो जाता। हालांकि, पार्टी ने इस बात का ऐलान नहीं किया कि संगठन के चुनाव कब होंगे।

Author नई दिल्ली | August 11, 2019 8:48 AM
CWC meeting: नए अध्यक्ष का चुनाव होने तक सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया। (फोटो: प्रेमनाथ पांडे)

Sonia Gandhi was appointed interim president: राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने के करीब 3 महीने बाद पार्टी को सोनिया गांधी के तौर पर अंतरिम अध्यक्ष मिल गया है। हालांकि, 20 महीने पहले ही सोनिया गांधी ने अपने बेटे के लिए कांग्रेस अध्यक्ष पद खाली किया था। 12 घंटे की मैराथन मीटिंग के बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी गांधी परिवार के बाहर के किसी शख्स को राहुल के विकल्प के तौर पर चुनने में नाकाम रही। वहीं, राहुल भी अपने फैसले पर दोबारा विचार न करने पर अड़े हुए थे। बता दें कि राहुल ने आम चुनाव 2019 में पार्टी की करारी शिकस्त के बाद मई महीने में कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष उस वक्त तक के लिए बनाया गया है, जब तक नए अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो जाता। हालांकि, पार्टी ने इस बात का ऐलान नहीं किया कि संगठन के चुनाव कब होंगे। सूत्रों के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी ने इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की। सोनिया गांधी के सामने पहली बड़ी चुनौती झारखंड, महाराष्ट्र और हरियाणा में साल के आखिर में होने वाले चुनाव हैं। सोनिया ने दो दशक तक पार्टी चलाकर 2017 में अध्यक्ष पद छोड़ा था।

पार्टी के पुराने नेताओं ने सोनिया को वापस लाकर उनकी आवाज बंद कर दी है जो एक युवा नेता को अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे थे। सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाने की घोषणा के बाद पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने टि्वटर पर खुशी जाहिर की। हालांकि, अमरिंदर ने ही किसी युवा नेता को अध्यक्ष बनाने की पैरवी की थी। बता दें कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सीडब्ल्यूसी मीटिंग में अध्यक्ष पद संभालने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा, ‘सवाल ही नहीं उठता।’

सूत्रों के मुताबिक, जब सीडब्ल्यूसी ने सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पास किया तो उन्होंने तुरंत इसे स्वीकार नहीं किया। एक कांग्रेस नेता के मुताबिक, सोनिया ने कहा, ‘आप अचानक इस विकल्प के साथ आए…मैं इसकी उम्मीद नहीं कर रही थी…मुझे इस बारे में सोचना होगा।’ सूत्रों के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमार सैलजा ने सबसे पहले सोनिया के नाम का प्रस्ताव दिया और कहा कि बेहतर व्यवस्था बनने तक वह ही कमान संभालें।

सूत्रों के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी सदस्यों से बने 5 ग्रुप ने प्रदेश अध्यक्षों, सचिवों, सांसदों आदि से बात करके राय जानी। अधिकतर ने कहा कि राहुल को अध्यक्ष पद दोबारा से संभालना चाहिए। वहीं, दूसरा विकल्प यह था कि प्रियंका कमान संभालें। हालांकि, दोनों ने ही मना कर दिया।

अधिकतर नेताओं ने सीडब्ल्यूसी ग्रुप के सदस्यों को चेतावनी दी कि पार्टी टूट सकती है। पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट सुनील जाखड़ ने तो सीडब्ल्यूसी सदस्यों से यहां तक कह दिया कि वह किसी अन्य नेता को स्वीकार नहीं करेंगे और अगर किसी को चुना गया तो वह घर बैठना पसंद करेंगे। माना जा रहा है कि उन्होंने सीडब्ल्यूसी सदस्यों से कहा, ‘जिन नामों को लेकर अटकलें हैं, मैं उन्हें अपने नेता के तौर पर स्वीकार नहीं कर सकता।’

वहीं, प्रताप सिंह बाजवा ने सीडब्लयूसी से कहा कि अगर कोई अन्य नेता कांग्रेस अध्यक्ष चुना जाता है तो पार्टी में बड़े पैमाने पर नेता बाहर का रुख कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस्तीफा देकर राहुल बीजेपी के जाल में फंस रहे हैं और अगर कोई गैर गांधी नियुक्त किया गया तो अधिकतर नेता पार्टी छोड़ देंगे।

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