ताज़ा खबर
 

सोनिया गांधी ने मोदी और केजरीवाल पर साधा निशाना, कहा: ‘खोखले वादे करने वालों से बचें’

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दक्षिण दिल्ली के मीठापुर मोड़ पर चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जनता को बरगलाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि ‘कहां है वह काला धन जिससे हर शख्स को 15-15 लाख रुपए मिलने थे’। रविवार को अपने भाषण में उन्होंने आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों पर जम […]

Author February 2, 2015 1:50 PM
‘खोखले वादे करने वालों से बचें’ : सोनिया गांधी (फोटो: रवि कनोजिया)

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दक्षिण दिल्ली के मीठापुर मोड़ पर चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जनता को बरगलाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि ‘कहां है वह काला धन जिससे हर शख्स को 15-15 लाख रुपए मिलने थे’। रविवार को अपने भाषण में उन्होंने आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों पर जम कर निशाना साधे।

सोनिया ने कहा कि एक पार्टी में प्रचारक है, जो सिर्फ प्रचार करते रहते हैं, जबकि दूसरे में धरनेबाज। उन्होंने मतदाताओं से दिल्ली को ऐसे लोगों से बचाने को कहा जो सिर्फ ‘खोखले वादे’ करते हैं। भाजपा और आप सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें कर सकती हैं। इस मौके पर सोनिया ने केंद्र पर यूपीए सरकार ओर से शुरू की गई खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण वाली योजनाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।

आम आदमी पार्टी का जिक्र करते हुए सोनिया ने कहा कि हमने पिछली बार दिल्ली में आप को इसलिए समर्थन दिया ताकि वे अच्छी सरकार दें और भाईचारा बना रहे पर जिन्हें हमने समर्थन दिया, वह डेढ़ महीने भी सरकार नहीं चला सकीं। फिर भाजपा आई, उसने भी चुनाव कराने के बजाय दिल्ली को अपने हाल पर छोड़ दिया।

भाजपा ने चुनाव टाला और दिल्ली को अपने हाल पर छोड़ दिया। राष्ट्रपति शासन की आड़ में सरकार चलाने वाले भी दोषी। दिल्ली की जो हालत खराब हुई, वो जगजाहिर है। महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं। महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ा। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बर्बाद हुई। इसलिए कौन जिम्मेदार है? वे भी जिम्मेदार हैं जो शासन छोड़ कर चले गए और वे भी जो राष्ट्रपति शासन के बहाने अपना शासन चलाते रहे।

केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर रुख अपनाते हुए सोनिया ने कहा कि मोदी सरकार ने बड़े वादे किए, आखिर उन वादों का क्या हुआ? कहां है वो काला धन, हमारे 15 लाख रुपए कहां हैं, जो मोदी ने विदेश से लाने के लिए कहा था। सोनिया ने कहा कि अगर जनता ने दिल्ली में भाजपा को मौका दे दिया तो वो उनका क्या हाल करेंगे, यह उनको बताने की जरूरत नहीं है। सोनिया ने दिल्ली के कुछ इलाकों में हुए दंगों का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसी ताकतों को शिकस्त देनी होगी, जो वोट की राजनीति के लिए समाज में जहर घोलने से परहेज नहीं करते। मंच पर सोनिया के साथ अजय माकन, प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित मौजूद भी थीं।

कांग्रेस का बचाव करते हुए सोनिया ने कहा कि शीला सरकार ने फ्लाईओवर, मेट्रो और सीएनजी की सुविधा दी, विकास किया उसे फिर मौका दें। अपनी पहली चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पिछली यूपीए सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं को ‘कमजोर’ कर रही है। उन्होंने इस क्रम में खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण का जिक्र किया और कहा कि लोकसभा चुनावों में बड़े स्तर पर किए गए वादों के बावजूद भ्रष्टाचार पर काबू के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है।

सोनिया ने इस मौके पर विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होने के पहले दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में सांप्रदायिक हिंसा होने का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि यह राज्य की सत्ता हासिल करने के लिए किया गया था। कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि कुछ ऐसी ताकतें हैं जो त्रिलोकपुरी और दिलशाद गार्डन जैसी घटनाओं को अंजाम देती हैं।

ऐसी ताकतों को परास्त करना होगा जो नफरत की राजनीति को बढ़ावा देते हैं। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2013 के विधानसभा चुनावों में जब खंडित जनादेश आया तो कांग्रेस ने यह सोच कर सरकार बनाने के लिए आप का समर्थन किया कि वे बेहतर दिल्ली बनाने के अपने वादों को पूरा करेंगे। लेकिन वे सरकार नहीं चला सके और भाग गए।

कई ‘सामाजिक और क्रांतिकारी कदम’ उठाने के लिए अपनी पिछली सरकार की सराहना करते हुए सोनिया ने कहा कि मोदी सरकार उन योजनाओं को कमजोर कर लोगों से उनके अधिकार छीन रही है। उन्होंने कहा कि उनके झूठे वादों की वास्तविकता यह है कि यूपीए सरकार जो खाद्य सुरक्षा कानून लाई थी उसमें मोदी सरकार ऐसे बदलाव लाने पर विचार कर रही है कि इसमें लाभार्थियों की संख्या आबादी के 67 फीसद से घट कर 40 फीसद रह जाए। किसानों को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि जिन्होंने उन्हें सुनहरे सपने दिखाए वे अब उन्हें बीज और उर्वरक से भी वंचित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हम भूमि अधिग्रहण कानून क्यों लाए? हमने यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया ताकि किसानों की जमीन को कोई भी जबरदस्ती नहीं ले सके। मोदी सरकार ने क्या किया? उसने अध्यादेश लाकर ऐसा रास्ता बना दिया है जहां कोई भी किसानों की जमीन पर कब्जा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि देश को आरटीआइ कानून देने के लिए कांग्रेस सरकार ने कठोर परिश्रम किया लेकिन भ्रष्टाचार मुक्त सरकार की बात करने वालों ने मुख्य सूचना आयुक्त का पद खाली रखा है और भ्रष्ट लोगों को खुली छूट दे दी है।

 

प्रियरंजन

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App