CJP Sonam Wangchuk Protest: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वे अपना अनशन तब तक खत्म नहीं करेंगे जब तक सांसदों के प्रतनिधिमंडल सीजेपी के नेताओं मुलाकात से मुलाकात नहीं कर लेते। उनका ये संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के एक पोस्ट में सामने आया है।
बता दें कि वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने भी सोशल मीडिया पर अपने पति का हस्तलिखित संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त की थी। बता दें कि सीजेपी नीट-यूजी पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
तय हो शिक्षामंत्री की जवाबदेही
मूल रूप से लद्दाख से आने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा, “उम्मीद है कि सरकार इससे पहले शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी। युवाओं ने उकसावे के बावजूद जिस तरह शांति बनाए रखी है, उससे मैं बेहद प्रभावित हूं और सरकार व पुलिस से अपील करता हूं कि वे छात्रों को आज या कल संसद के समक्ष अपनी शिकायतें रखने की अनुमति देकर इस मुद्दे को सुलझाएं।”
जेपी नड्डा और सीजेपी सदस्यों की हुई थी मुलाकात
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक का संदेश ऐसे वक्त में आया है, जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीजेपी के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका द्वारा मध्य दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के बीच हुई बैठक हुई थी। सीजेआई के सदस्यों ने सरकार को कई मांगें सौंपीं, जिनमें NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक के लिए जवाबदेही भी शामिल थी।
पुलिस ने की जनता से अपील
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने जनता से सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं से सावधान रहने का आग्रह किया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोनम वांगचुक की पत्नी द्वारा दायर एक अपील की सुनवाई करते हुए वांगचुक के संपूर्ण चिकित्सा रिकॉर्ड मांगे, जिसमें एक एकल न्यायाधीश द्वारा उन्हें सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देने और मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने से इनकार करने को चुनौती दी गई थी।
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला लगातार अपने प्रदेश को राज्य का दर्जा वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं। इसके समर्थन में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नई दिल्ली और संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन को चुना। लेकिन न सिर्फ़ कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च ने इसे फीका कर दिया, बल्कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के इंडिया गठबंधन सहयोगियों ने भी इसे नजरअंदाज कर दिया। पढ़िए पूरी खबर…
