कॉकरोच जनता पार्टी कुछ देर में संसद मार्च शुरू करने वाली है। सीजेपी के इस मार्च से पहले सफदरजंग अस्पताल द्वारा सोनम वांगचुक का हेल्थ अपडेट जारी किया गया।

सफरजंग अस्पताल ने सुबह दस बजे जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन में बताया कि सोनम वांगचुक के जरूरी हेल्थ पैरामीटर स्थिर हैं। ब्लड पैरामीटर पर लगातार बारीकी से मेडिकल निगरानी की जरूरत बनी हुई है। वे लगातार विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की निगरानी में हैं।

सफदरजंग अस्पताल की डॉक्टर मनीषा ठाकुर ने बताया कि सोनम वांगचुक पिछले दो दिनों से उनकी देखरेख में हैं। सोमवार सुबह तक उनकी हालत स्थिर है, उनके सभी जरूरी पैरामीटर स्थिर हैं और जो ब्लड टेस्ट किए हैं, उनके नतीजे भी ठीक हैं। उन्होंने कहा कि वे लगभग 20 से 21 दिनों से कुछ खा नहीं रहे हैं, इसलिए जटिलताओं का जोखिम बना हुआ है। इसलिए, लगातार निगरानी जरूरी है।

फिर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचीं सोनम वांगचुक की पत्नी

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ में उस आदेश के खिलाफ अपील दायर की, जिसमें सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक के जारी इलाज में दखल देने से इनकार कर दिया गया था। दिल्ली हाई कोर्ट उनकी इस याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गया है।

गीतांजलि आंग्मो ने अपनी अपील में कहा है कि रविवार का आदेश बिना किसी गिरफ्तारी के ही वांगचुक को अवैध रूप से सफदरजंग अस्पताल में रहने के लिए बाध्य करता है और यह निर्देश देता है कि न तो वांगचुक व न ही उनकी पत्नी के पास उनके चिकित्सकीय उपचार से संबंधित निर्णय लेने का अंतिम अधिकार है।

अपील में यह भी कहा गया है कि आदेश में ‘सूचित सहमति’ और किसी व्यक्ति के अपने उपचार को स्वीकार करने या उससे इनकार करने के मौलिक अधिकार पर विचार नहीं किया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने रविवार को वांगचुक के सफदरजंग अस्पताल में जारी इलाज के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।

न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने कहा था कि इस स्तर पर वांगचुक को किसी निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने संबंधी उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो की याचिका पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं है।

रविवार को विशेष सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सक वांगचुक के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं और ऐसा नहीं कहा जा सकता कि उनके साथ किसी प्रकार की जबरदस्ती की जा रही है।

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