Sonam Wangchuk Health Update: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, वांगचुक होश में हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। लंबे समय तक उपवास और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के कारण वह कमजोर हो गए हैं, इसलिए उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
सफदरजंग अस्पताल की ओर से बताया गया कि सोनम वांगचुक को जरूरी इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। डॉक्टर उनके स्वास्थ्य से जुड़े सभी जरूरी पैरामीटर लगातार जांच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, उनकी स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन शरीर के सामान्य स्तर को बनाए रखने के लिए लगातार मेडिकल निगरानी और इलाज की जरूरत है।
इससे पहले शुक्रवार को हुई स्वास्थ्य जांच में भी वांगचुक की स्थिति को लेकर कई अहम जानकारी सामने आई थी। डॉक्टरों के अनुसार, उनका वजन 56.55 किलोग्राम दर्ज किया गया था, जो 24 घंटे में 350 ग्राम कम हुआ था। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टर सतीश लांबा के मुताबिक, उस समय उनका ब्लड प्रेशर 108/68 mmHg, ब्लड शुगर 70 mg/dL और नाड़ी की गति 72 प्रति मिनट थी।
पुलिस बोली- मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह पर ले जाया गया अस्पताल
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के बाद अस्पताल ले जाया गया। नई दिल्ली के डीसीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल शिफ्ट किया गया।
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर वांगचुक को उपयुक्त सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल मेडिकल निगरानी में हैं।
वांगचुक को अस्पताल ले जाने के दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध भी किया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के विरोध के बीच थोड़ी हलचल हुई, लेकिन पुलिस ने संयम बरतते हुए पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा किया।
वहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह कुछ लोग सादे कपड़ों में मेडिकल टीम बनकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और सोनम वांगचुक को अपने साथ ले गए। प्रदर्शनकारी का दावा था कि बाद में उन्हें पता चला कि वे पुलिसकर्मी थे।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें हटने के लिए कहा गया और हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया। अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि उन्हें पुलिस ने पीटा और हिरासत में लिया।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की घटना उनकी प्रस्तावित संसद मार्च योजना से दो दिन पहले हुई है। वांगचुक और उनके समर्थकों ने 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च करने का ऐलान किया था। वह अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
वांगचुक की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है। उन्होंने देश में कथित परीक्षा अनियमितताओं और नीट पेपर लीक विवाद जैसे मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी।
सोनम वांगचुक इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता के तौर पर जाने जाते हैं। वह लद्दाख से जुड़े सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर लंबे समय से काम कर रहे हैं। फिलहाल सफदरजंग अस्पताल के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है।
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Sonam Wangchuk Wife First Reaction: सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। इस बात की जानकारी उनकी पत्नी गीतांजलि अंग्मो ने दी है। गीतांजलि जे आंग्मो का कहना है कि मेरी और मेरे डॉक्टर की सहमति के बिना सोनम वांगचुक को कोई दवा नहीं दी जानी चाहिए। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
