दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टर सतीश लांबा ने अपडेट दिया है। डॉक्टर लांबा ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि पिछले 24 घंटे में वांगचुक का वजन 350 ग्राम कम हुआ है। लांबा ने बताया कि 17 जुलाई सुबह 9.30 बजे तक वांगचुक का वजन 56.55 किलोग्राम है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का शुक्रवार को 20 वां दिन है। NEET- UG सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन कर रही है। वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए और तब से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
डॉक्टर लांबा ने बताया, “वांगचुक का ब्लड प्रेशर 108/68 है, ब्लड शुगर 80 mg/dL है और पल्स रेट 72 प्रति मिनट है। शरीर में पानी का लेवल ठीक है लेकिन हल्का डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) है।”
डॉक्टर लांबा ने बताया कि जब शरीर को ग्लूकोज, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट नहीं मिलता तो शरीर में बदलाव होते हैं। डॉक्टर लांबा ने बताया कि मेडिकल टीम वांगचुक के स्वास्थ्य पर 24 घंटे नजर रखे हुए है और लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।
मार्च में शामिल होने की अपील
इस बीच, सोनम वांगचुक ने कहा है कि वह किसी भी कीमत पर 20 जुलाई तक जीवित रहेंगे। वांगचुक ने लोगों से अपील की है कि वे 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों। प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों को संबोधित करते हुए वांगचुक ने कहा कि उनका संकल्प अडिग है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को अब तक तमाम विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है।
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लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, पर्यावरणविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरा खबर।
