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पिता के नक्शेकदम पर बेटे राकेशः 26 साल पहले महेंद्र टिकैत ने लाल किला पर चलाया कोल्हू, अब गाजीपुर में छोटे बेटे ने निकाला गन्ने का जूस; चरखा भी चलाया

पिता महेंद्र सिंह टिकैत ने लाल किला पर कोल्हू चलाया था। उनके नक्शेकदम पर चलते हुए राकेश टिकैत ने गाजीपुर में अपने हाथों से कोल्हू में गन्ने लगाए और गन्ने का रस निकालकर आंदोलनकारियों को पिलाया।

farmer protest, rakesh tikait, gujarat, modi government, farm law, jansatta राकेश टिकैत अपने पिता महेंद्र सिंह टिकैत के रास्ते पर चल पड़े हैं। (pc- twitter/rakesh tikait)

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन जारी है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत अपने पिता महेंद्र सिंह टिकैत के रास्ते पर चल पड़े हैं। कभी उनके पिता महेंद्र सिंह टिकैत ने लाल किला पर कोल्हू चलाया था। उनके नक्शेकदम पर चलते हुए राकेश टिकैत ने गाजीपुर में अपने हाथों से कोल्हू में गन्ने लगाए और गन्ने का रस निकालकर आंदोलनकारियों को पिलाया।

1995 में डब्लूटीओ के खिलाफ आंदोलन के दौरान महेंद्र सिंह टिकैत ने कोल्हू को लाल किले पर चलाया था। राकेश टिकैत ने कहा कि धीरे-धीरे गर्मी का मौसम आने लगा है, आंदोलन में डटे किसानों को गन्ने का जूस पिलाने के लिए यह कोल्हू लगाया गया है। इसके साथ ही यह कोल्हू इस बात का भी प्रतीक है कि सख्ती के बिना कुछ नहीं होता। टिकैत ने चरखा भी चलाया और कहा कि गांधी के गुजरात को अब कॉर्पोरेट से आजाद कराएंगे।

गुजरात के गांधीधाम और महाराष्ट्र से आए युवाओं के साथ टिकैत ने गाजीपुर बॉर्डर पर चरखा चलाया। राकेश टिकैत ने कहा, “महात्मा गांधी ने चरखा चलाकर देश की आजादी का आंदोलन चलाया था और अब हम गांधी जी के चरखे के सहारे उनके गुजरात को कॉर्पोरेट से मुक्त कराने की लड़ाई लड़ेंगे।”

किसान नेता ने कहा कि एक समय था जब पैसे बहुत कम थे और सुख कहीं ज्यादा। अब पैसा तो बढ गया लेकिन सुख कहीं खो गया। पहले गांव में हम हर चीज गेहूं के बदले ले लेते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं है। उसका बड़ा कारण देश पर कॉर्पोरेट का कब्जा होना ही है।

नए कृषि कानूनों की आलोचना करते हुए राकेश टिकैत बोले कि नए कानूनों से किसानों का भला नहीं होने वाला है, आज जो दूध गांव में 20-22 रुपये प्रति लीटर मिलता है, वही शहरों में 50 रुपये लीटर तक बिकता है। इसी तरह अगर खेती प्राइवेट कंपनियों के हाथ में आएंगी, तो फसलों के दाम भी इसी तरह तय होंगे।

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