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अमृतसर ब्‍लास्‍ट: सेना से भागे फौजी के बेटे ने किया धमाका, ऑपरेशन ब्लू-स्टार के बाद भगोड़ा, आरोपी बेटे की पुलिस को तलाश

जानकारी के मुताबिक ब्लास्ट के आरोपी अवतार सिंह के पिता सेना का भगोड़ा है। एक पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं बताए जाने की शर्त पर बताया कि ऑपरेशन ब्लू-स्टार के बाद अवतार सिंह का पिता गुरदयाल फौज से भाग गया था।

Author November 22, 2018 1:09 PM
अमृतसर के निरंकारी भवन हमले के आरोपी की गिरफ्तारी का ऐलान करते पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह। फोटो- एएनआई

पुलिस ने अमृतसर के निरंकारी भवन में ग्रेनेड हमला करने वाले दो आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि, दूसरा फरार है। फरार आरोपी अवतार सिंह (32) सेना से भागे हुए फौजी का बेटा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक अवतार सिंह के पिता सेना के भगोड़े थे। एक पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं बताए जाने की शर्त पर बताया कि 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू-स्टार के बाद अवतार सिंह का पिता गुरदयाल फौज से भाग गया था। तब उसे भगोड़ा घोषित किया गया। अवतार सिंह पंजाब के अजनाला स्थित मिश्री खान गांव का रहने वाला है। पड़ोसियों के मुताबिक वह एक डॉक्टर भी है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि अमृतसर में ग्रेनेड से ब्लास्ट करने के सारे इंतजाम अवतार ने ही किए थे। इसके बाद वह अपने साथी विक्रमजीत के साथ बाइक के जरिए घटनास्थल पर ब्लास्ट करके फरार हो गया। विक्रमजीत खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) का सदस्य है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पाकिस्तानी तंत्र और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से इस वारदात को अंजाम दिया गया। रविवार को हुए इस ब्लास्ट में 3 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

पुलिस आरोपी अवतार के घर पर तैनात कर दी गयी है और उसके पिता गुरदयाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके पिता की गांव में ही एक किराने की दुकान है। जबकि, शादीशुदा अवतार की दो बेटियां हैं और वह भी गांव में एक मेडिकल क्लिनिक चलाता है। परिवार के नाम पर कुल चार एकड़ जमीन है। उनके पड़ोसी निर्मल कौर ने बताया, “सोमवार रात तक उनका पूरा परिवार घर पर ही था। लेकिन, पुलिस की छापेमारी के बाद से परिवार के लोग अब घर पर नहीं है। हम नहीं जानते कि वे कहीं और चले गए हैं या पुलिस उन्हें अपने साथ ले गयी है।”

वहीं, गिरफ्तार हुए दूसरे आरोपी विक्रमजीत के घर पर भी पुलिस की निगरानी है। विक्रमजीत के पिता का 18 साल पहले निधन हो गया था। उसका एक छोटा भाई है वह कनाडा में रहता है। परिवार के पास 8 एकड़ जमीन है। विक्रमजीत के गांव वाले उसे बेकसूर मानते हैं। गांव के सरपंच का कहना है, “रविवार के दिन गांव के कई लोगों ने विक्रमजीत को गांव में ही देखा। वह कहीं नहीं गया। वह निर्दोष है।”विक्रमजीत के खेत में काम करने वाले दो मजदूरों ने भी रविवार को उसके खेत में रहने का दावा किया है।

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