Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में जांच अधिकारी को विश्व हिंदू परिषद के नेता आलोक कुमार के पत्र के बाद कांग्रेस ने रविवार को पलटवार किया। कांग्रेस ने विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी पर आरोप लगाया कि वे मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के बजाय जांच से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि इस मामले में नए आरोप और सबूत सामने आ रहे हैं। आलोक कुमार के पत्र का जिक्र करते हुए खेड़ा ने सवाल किया कि जांच एजेंसियों द्वारा आरोपियों की पहचान करने के बजाय विपक्षी नेताओं से सबूत क्यों मांगे जा रहे हैं।
खेड़ा ने कहा, “अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में हर दिन नए आरोप सामने आ रहे हैं और नए सबूत मिल रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आज विश्व हिंदू परिषद के आलोक कुमार ने जांच अधिकारी को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि वे प्रियंका गांधी जी, अखिलेश यादव जी और राम गोपाल यादव जी से चोरी के सबूत मांगें।”
चोरी कोई और करे और सबूत कोई और दे- पवन खेड़ा
इस मांग पर सवाल उठाते हुए खेड़ा ने कहा, “क्या इसका मतलब यह है कि चोरी कोई और करे और सबूत कोई और दे?”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि असली मकसद कथित चोरी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करना नहीं था। उन्होंने कहा, “सच तो यह है कि चोरों को पकड़ना उनके इरादों में है ही नहीं। उनका मकसद हमेशा की तरह हिंदू समाज को भावनात्मक रूप से गुमराह करके अपनी दुकान चलाना है।”
आलोक कुमार ने लिखा पत्र?
बता दें कि आलोक कुमार ने अयोध्या के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस और जांच अधिकारी आशुतोष तिवारी को पत्र लिखकर कई विपक्षी नेताओं को बुलाने का आग्रह किया, ताकि वे राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के बारे में अपने आरोपों का आधार बता सकें।
4 जुलाई के अपने पत्र में कुमार ने समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बयानों का जिक्र किया। उन्होंने तर्क दिया कि उनकी सार्वजनिक टिप्पणियों से पता चलता है कि उनके पास जांच से जुड़ी जानकारी है।ल
राम गोपाल यादव ने क्या आरोप लगाया था?
कुमार के अनुसार, राम गोपाल यादव ने आरोप लगाया था कि यह घोटाला 20000 करोड़ रुपये से अधिक का है और दावा किया था कि सोना, चांदी, हीरा, नकदी और अन्य चढ़ावा गायब हो गया है, जिसमें प्रभावशाली लोग शामिल हैं। वीएचपी नेता ने केजरीवाल के उन बयानों का भी जिक्र किया जिनमें उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि भगवान राम के गहने, मुकुट, चांदी के दीये और भारी मात्रा में नकदी जैसी कीमती चीज़ें चोरी हो गई थीं।
आलोक कुमार ने संजय सिंह के आरोपों का भी जिक्र किया। इसमें कहा गया था कि 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की चोरी हुई है। उन्होंने बताया कि सिंह एसआईटी के सामने पेश हुए थे और अपने दावों से जुड़े दस्तावेज सौंपे थे। प्रियंका गांधी वाड्रा की बातों का जिक्र करते हुए कुमार ने कहा कि उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या सीसीटीवी कैमरे बंद करके इतने बड़े पैमाने पर चोरी सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारी कर सकते थे या इसमें वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।
पत्र में कुमार ने जांच अधिकारी से आग्रह किया कि वे संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत नेताओं को बुलाएं या उनके बयान दर्ज करें ताकि वे अपने आरोपों का आधार, जानकारी का स्रोत और कोई भी सहायक दस्तावेज या सबूत बता सकें। उन्होंने कहा कि अगर नेताओं के पास विश्वसनीय जानकारी है, तो इससे सच्चाई का पता लगाने में जांच को मदद मिलेगी।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला की कस्टडी मिलने के बाद अयोध्या पुलिस दूसरे आरोपियों की कस्टडी भी कोर्ट से मांग करेगी। रविवार को पुलिस ने जेल के अंदर पूछताछ करने की कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद, अभी ज्यूडिशियल कस्टडी में मौजूद सात आरोपियों में से तीन से पूछताछ की। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
