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पुलवामा अकैट पर बोले PM मोदी- तब कुछ देख थे अपना सियासी स्वार्थ, अब हुए बेनकाब

बकौल पीएम, "हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है। भारत की ये एकता दूसरों को खटकती भी रहती है, इसलिए ऐसी ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है। पिछले दिनों पड़ोसी देश की संसद में पुलवामा हमले के सच को स्वीकारा गया।"

Narendra Modi, BJP, NDA, Kevadiya, Gujarat, Politics, Pulwama Attackगुजरात दौरे के दूसरे दिन केवडिया में एक कार्यक्रम को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दो दिवसीय गुजरात दौरे के आखिरी दिन कहा कि पिछले साल किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कोविड-19 महामारी आएगी। पर लेकिन देश सामूहिक ताकत और इच्छाशक्ति के साथ इससे लड़ा और ऐसा इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया। बिना नाम लिए चीन और पाकिस्तान के संदर्भ में उन्होंने आगे कहा- आज भारत की भूमि पर नजर गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने की ताकत हमारे वीर जवानों के हाथों में है।

मोदी के मुताबिक, “आज के माहौल में दुनिया के सभी देशों को, सभी सरकारों को, सभी पंथों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है। कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। आतंकवाद आज मानवता के लिए, विश्व के लिए, शांति के उपासकों के लिए वैश्विक चिंता का विषय है।”

बकौल पीएम, “हमारी विविधता ही हमारा अस्तित्व है। भारत की ये एकता दूसरों को खटकती भी रहती है, इसलिए ऐसी ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है। पिछले दिनों पड़ोसी देश की संसद में पुलवामा हमले के सच को स्वीकारा गया।”

पीएम ने आगे कहा- पुलवामा हमले को देश कभी भूल नहीं सकता लेकिन तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे और अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे। अब उनका असली चेहरा सामने आ गया है। अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी। पिछले दिनों पड़ोसी देश से जो ख़बरें आई हैं जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है।

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