ताज़ा खबर
 

सोहराबुद्दीन केस के जांच अधिकारी रहे IPS अधिकारी का ‘इस्‍तीफा’, केंद्र ने VRS की मांग ठुकराई तो ट्रिब्‍यूनल में की अपील

23 अगस्‍त को राय ने 50 वर्ष की आयु पूरी करने पर सरकार की स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) के तहत रिटायरमेंट के लिए अप्‍लाई किया था। जब सरकार ने आवेदन पर जवाब नहीं दिया तो राय ने 15 अक्‍टूबर को रिमाइंडर भेजा।

Author December 19, 2018 12:15 PM
वर्तमान में रजनीश राय, चित्‍तूर जिले में आईजी, सीआरपीएफ के पद पर तैनात हैं। (Photo : Express Archive)

गुजरात कैडर-1992 बैच के आईपीएस अधिकारी रजनीश राय ने एक नोट लिखकर नौकरी छोड़ दी है। उन्‍होंने लिखा है कि ‘उन्‍हें रिटायर्ड समझा जाए।’ राय ने 2005 सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस की जांच की थी। उन्‍होंने स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था जिसे गृह मंत्रालय ने ठुकरा दिया, राय ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अहमदाबाद स्थित केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) में अपील की है। अपील पर कार्रवाई करते हुए CAT ने केंद्र और गुजरात सरकार को 10 दिसंबर को नोटिस जारी करते हुए 1 जनवरी, 2019 तक जवाब मांगा है।

राय आधिकारिक रूप से आंध्र प्रदेश के चित्‍तूर जिले में काउंटर इनसर्जेंसी और एंटी-टेररिज्‍म स्‍कूल के आईजी पद पर तैनात हैं। उन्‍होंने ट्रिब्‍यूनल जाने का फैसला तब किया जब उन्‍हें ईमेल कर कहा गया कि “गृह मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी द्वारा रिटायरमेंट का उनका आवेदन अस्‍वीकार किए जाने के बाद, वह फौरन ड्यूटी ज्‍वाइन करें।” शिलांग में तैनाती के समय, 2017 में राय ने असम में दो कथित आतंकवादियों के मारे जाने को ‘संदिग्‍ध एनकाउंटर’ बताते हुए रिपोर्ट दी थी। इसके बाद उन्‍हें शिलांग से चित्‍तूर ट्रांसफर किया गया था।

उससे पहले वह झारखंड में यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के विजिलेंस ऑफिसर थे, जहां उन्‍होंने कॉर्पोरेशन में कथित भ्रष्‍टाचार पर रिपोर्ट तैयार की थी। राय ने सिफारिश की थी कि कॉर्पोरेशन के कई वरिष्‍ठ अधिकारियों पर आपराधिक मामले चलाए जाएं। इस रिपोर्ट के लिए सरकार ने ”बिना सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए” कार्रवाई करने पर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

इस साल, 23 अगस्‍त को राय ने 50 वर्ष की आयु पूरी करने पर सरकार की स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) के तहत रिटायरमेंट के लिए अप्‍लाई किया था। उन्‍होंने वीआरएस के लिए ऑल इंडिया सर्विसेज (मृत्यु-सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 का हवाला दिया था। धारा 16(2) के तहत, 50 वर्ष की आयु पूरी करने पर अधिकारी वीआरएस ले सकता है, बशर्ते वह निलंबित न चल रहा हो।

जब सरकार ने आवेदन पर जवाब नहीं दिया तो राय ने 15 अक्‍टूबर को रिमाइंडर भेजा। 23 अक्‍टूबर को सरकार की ओर से एक पत्र भेज राय को बताया गया कि उनका आवेदन खारिज कर दिया गया है क्‍योंकि ”सर्तकता के दृष्टिकोण से उन्‍हें मुक्‍त नहीं किया गया।” राय ने 30 नवंबर से रिटायरमेंट मांगा था, इसी दिन राय ने गृह मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर बताया कि “उन्‍होंने चित्‍तूर के आईजी (CIAT) का पद 30 नवंबर, 2018 को कार्यदिवस समाप्‍त होने के बाद त्‍याग दिया है और उन्‍हें सेवा से रिटायर माना जाए।”

सीआईडी-क्राइम के अधिकारी के रूप में सोहराबुद्दीन, पत्‍नी कौसर बी और तुलसीराम प्रजापति के कथित फर्जी एनकाउंटरों की जांच करते हुए राय ने पहली गिरफ्तारियां कीं। इनमें तीन आईपीएस अधिकारी- डीजी वंजारा, राजकुमार प्रधान और राजस्‍थान कैडर के अधिकारी दिनेश एमएन शामिल थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X