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मृतक के परिजन से मिलने पहुंचे पूर्व CM अखिलेश, टेबल पर बिसलेरी व काजू कतली देख लोग बोले- मातम वाले घर में मेवे नहीं चखे जाते

दरअसल सपा नेता अखिलेश यादव कल जौनपुर के दौरे पर थे। इस दौरान अखिलेश यादव ने पुलिस हिरासत में मारे गए पुजारी यादव के परिजनों से भेंट की। पुजारी यादव की मौत के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कारवाई की मांग की।

akhilesh yadav , sp , uttarpradesh SP प्रमुख अखिलेश यादव ने यह तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की है। वह 27 फरवरी को जौनपुर में पूर्व विधायक ज्वाला यादव की तेरहवीं पर उनके घर भी गए। छह माह पहले दिवंगत हुए पूर्व विधायक हाजी अफजाई के परिवार वालों से भी मिले। (फोटो सोर्सः टि्वटर/@yadavakhilesh)

कल गुरुवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में मारे गए एक युवक के परिवार से मिलने जौनपुर गए थे। इस दौरान सपा नेता अखिलेश यादव के आवभगत में टेबल पर बिसलेरी, काजू कतली और बिस्किट जैसे खाने पीने के कई सामान रखे गए थे। एक शोकाकुल परिवार से मुलाकात के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आवभगत की फोटो देख लोग तरह तरह के कमेंट करने लगे। लोगों ने सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव की जमकर खिंचाई की।

दरअसल सपा नेता अखिलेश यादव कल जौनपुर के दौरे पर थे। इस दौरान अखिलेश यादव ने पुलिस हिरासत में मारे गए पुजारी यादव के परिजनों से भेंट की। पुजारी यादव की मौत के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कारवाई की मांग की। मृतक के परिजनों से मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा कि ये कितना दुःखद है कि एक पिता जिसके पुत्र के उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में मारे जाने की चर्चा है, वो सरकार से न्याय की उम्मीद खो बैठा है। न्याय के लिए सपा आख़िर तक उनके साथ लड़ेगी। भाजपा सरकार पर अब जनता का भरोसा नहीं रहा।

फोटो में मृतक के परिवार वालों से मुलाकात के दौरान टेबल पर बिसलेरी और काजू कतली रखा देख कर लोग भड़क गए। सोशल मीडिया यूजर्स अखिलेश यादव के पोस्ट पर तरह के तरह कमेंट करने लगे। मुस्ताक नाम के एक यूजर ने लिखा कि आप परिजनों के दुःख में उनसे मिलने गए हैं। यह बहुत अच्छा है लेकिन जो टेबल पर जो नाश्ता रखा है और पीड़ित परिवार नीचे बैठा है यह काफी गलत है।

 

 

इसके अलावा हिमांशु नाम के एक यूजर ने लिखा कि आपसे थोड़ा संवेदनशील बनने की उम्मीद है। कितने दुःख की बात है कि पीड़ित परिवार नीचे जमीन पर बैठा हुआ है और आपके सामने टेबल पर बोतलबंद पानी और खाने पीने के सामन रखे हुए हैं। वहीँ देवेन्द्र नाम के एक व्यक्ति ने लिखा कि मृतक का गमगीन परिवार जमीन पर बैठकर आंसू बहा रहा है और आप मिठाई खा रहे हैं। क्या यही समाजवाद है। 

इतना ही नहीं आशीष कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा कि नेता गरीब के हक़ की बात करेंगे लेकिन गरीबों के घर भी बिसलेरी का पानी ही पियेंगे। वहीं, राजू गुप्ता नाम के एक यूजर ने दो पंक्ति की कविता पोस्ट करते हुए लिखा है कि जंग लगे हथियारों के भरोसे युद्ध नहीं जीते जाते और मातम वाले घर में मेवे नहीं चखे जाते।

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