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बिहार विधानसभा चुनाव में खूब उड़ाई जा रही हैं ‘सुरक्षित दूरी’ की धज्जियां

11 अक्तूबर को गया के गांधी मैदान में आयोजित बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली के बाद वहां के अंचलाधिकारी राजीव रंजन ने कोरोना नियमों के उल्लंघन पर एफआइआर लिखाई है।

बिहार चुनावकांग्रेस के भागलपुर उम्मीदवार अजित शर्मा के नामांकन जुलूस का नजारा (ऊपर)। बीजेपी उम्मीदवार रोहित पांडे के पर्चा दाखिल जुलूस का दृश्य (नीचे)।

उम्मीदवारों के नामांकन जुलूस हो या नेताओं की चुनावी सभा या रैलियां सब जगह कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। बिहार पहला राज्य है जहां वैश्विक महामारी के दौर में विधानसभा चुनाव कराया जा रहा है। मगर नियमों का पालन कोई नहीं कर रहा है।

हालांकि 11 अक्तूबर को गया के गांधी मैदान में आयोजित भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की रैली के बाद वहां के अंचलाधिकारी राजीव रंजन ने एफआइआर लिखाई है। जिसमें कोरोना के नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है। भागलपुर के डीएम प्रणब कुमार ने बताया कि कहलगांव के अंचलाधिकारी की शिकायत पर भी एक मामला दर्ज किया गया है। मतदान के दौरान भी नियमों का सख्ती से पालन कराने की बात वे बोलते है। बाबजूद इसके नियम का पालन नहीं हो रहा।

राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या दो लाख पार कर चुकी है। 972 मौतें भी हुई है। राज्य के दो मंत्रियों को कोरोना ने लील लिया है। दो दिनों में दो पत्रकार रवि दयाल और कृष्ण मोहन शर्मा की मौत हो चुकी है। भागलपुर के सांसद अजय मंडल उसी दिन संक्रमित पाए गए है जिस दिन यानी 13 अक्तूबर को नाथनगर के जदयू उम्मीदवार व निवतर्मान विधायक लक्ष्मीकांत मंडल ने पर्चा भरा था।

अजय मंडल भी जुलूस में साथ थे। नेताओं को कोरोना से कोई मतलब नहीं है। सरकार किसी भी हालत में चुनाव कराने पर उतर चुकी है। भागलपुर में भाजपा के रोहित पांडे की रैली का जुलूस हो या 16 अक्तूबर को निकली कांग्रेस के अजित शर्मा की रैली का जुलूस। कहीं कोई शारीरिक सुरक्षित दूरी का पालन नहीं हुआ। ये तो मिसाल है। लेकिन बिहार के किसी भी क्षेत्र में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। यहां तक कि लोग मास्क भी नहीं पहन रहे है।

14 अक्तूबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बांका के अमरपुर में पहली एक्चुअल सभा थी। सुलतानगंज, तारापुर, मोकामा में इसके बाद सभाएं हुई। 16 अक्तूबर को कहलगांव में राजद नेता तेजस्वी यादव की सभा हुई। किसी भी नेता की सभा में देह दूरी के नियमों का पालन नहीं हुआ। बहुत लोग तो मास्क भी नहीं पहने थे। बिहार में मास्क न पहनना अपराध है। जुर्माने का भी प्रावधान है।

मगर सब खुला खेल है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे कहते है कि बिहार में कोरोना से ठीक होने का फीसद 94.01 है। यानी एक लाख 88 हजार से ज्यादा रोगी स्वस्थ हो चुके है। जो बड़ी राहत की बात है। केवल 11,049 सक्रिय मामले है। मसलन सरकार की नजर में कोरोना मामूली बीमारी रह गई है। इसी वजह से सरकार ने बिहार के तीन मेडिकल कालेज भागलपुर का जेएलएन, गया का अनुग्रह नारायण और पटना का नालंदा मेडिकल कालेज को सामान्य मरीजों के लिए खोल दिया गया है।

12 अक्तूबर के पहले यहां केवल कोरोना मरीजों का ही इलाज होता था।
स्वास्थ्य महकमे से जुड़े डॉक्टर हेमशंकर शर्मा, डॉ. अशोक भगत, डॉ. एसके जोशी सरीखे का कहना है कि चुनाव में बरती जा रही लापरवाही खतरनाक व घातक हो सकती है। बहरहाल सावधानियां ही इसका सटीक बचाव है। चिंताजनक बात यह है कि रैलियों में इन नियमों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है।

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