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लापरवाही: डाकघरों में खाता खोलवाने के लिए उमड़ीं महिलाएं, सोशल डिस्टेंसिंग भूलीं

केंद्र या राज्य सरकार कोरोना के दौर में जिनके पास राशन कार्ड है उन्हें सस्ती कीमत पर अनाज दे रही है। इसके अलावे मुफ्त अनाज भी बांट रही है। जिनके बैंक या डाकघर में आधार से लिंक बचत खाते है उनके खाते में एक हजार रुपए जमा करवा रही है। यह कोरोना से लड़ने में सहायता के तौर पर है।

बचत खाता खुलवाने के लिए डाकघर में उमड़ी महिलाएं।

गिरधारी लाल जोशी
भागलपुर के डाकघरों में बचत खाते खुलवाने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। कोरोना संक्रमण के दौर में ऐसी भीड़ देखकर लगता ही नहीं कि कोई घरबंदी के नियमों का पालन हो रहा है। महिलाएं देर रात से ही कतार में आगे होने की होड़ में डाकघर के गेट पर चादर बिछा बैठ जाती है। दिन में कतार इतनी लंबी और बेतरतीब होती है कि शारीरिक दूरी जुमला बन कर रह गया है। असल में सरकारी योजनाओं का गरीबों को लाभ तभी मिलेगा जब उनका बैंक या डाकघर में बचत खाता होगा। इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक योजना के तहत डाकघर खाते खोल रहा है।

यह सिलसिला बीते पंद्रह दिनों से चल रहा है। भागलपुर प्रधान डाकघर के पोस्ट मास्टर सुनील कुमार सुमन कहते है कि खाता खुलवाने वालों की बाढ़ सी आ गई है। वे भी खाते खुलवा रही है, जिनके खाते किसी बैंक में पहले से खुले है। यदि उनके बैंक खाते सक्रिय है तो उन्हें दोबारा खाता खुलवाने की जरूरत नहीं है। फिर भी महिलाएं समझने को तैयार नहीं है।

इनके मुताबिक क्षमता से ज्यादा रोजाना पांच सौ के करीब खाते खोले जा रहे है। अबतक पैसठ हजार से ज्यादा खाते खोले जा चुके है। फिर भी भीड़ उमड़ी है। केंद्र या राज्य सरकार कोरोना के दौर में जिनके पास राशन कार्ड है उन्हें सस्ती कीमत पर अनाज दे रही है। इसके अलावे मुफ्त अनाज भी बांट रही है। जिनके बैंक या डाकघर में आधार से लिंक बचत खाते है उनके खाते में एक हजार रुपए जमा करवा रही है। यह कोरोना से लड़ने में सहायता के तौर पर है।

भागलपुर के बरारी आईटीआई के नजदीक रहने वाली बबली, लाडो, अमीषा, मंजू, सरिता बगैरह महिलाएं रात में ही डाकघर आकर बैठ गई, ताकि कतार में आगे जगह मिल जाएगी और खाता खुल जाएगा। ये कहती है घर के हालात ठीक नहीं है। बबली कहती है पति दिव्यांग है। राशन कार्ड भी नहीं बना है। खाता खुल जाने पर कुछ पैसे सरकार से मिल जाएंगे, तो घर का राशन खरीद लेंगे। यह मजबूरी यहां जमा करीबन महिलाओं की है। भूखी-प्यासी किसी की गोद में छोटा बच्चा लिए अपनी बारी का घंटों क्या दिनभर इंतजार करना पड़ रहा है। प्रशासन कोई सुगम रास्ता निकाले, लेकिन इससे कोई मतलब नहीं है।

अलबत्ता घरबंदी का चौथा चरण आज समाप्त होने पर है। चौथे चरण में ढील मजाक बन गया है। डाकघर में कतार में लगी महिलाएं इस कदर एक दूसरे से सटी खड़ी है कि सुरक्षित दूरी की धज्जियां उड़ा रही है। ऐसे में कोरोना से जंग कैसे जीती जाएगी? केवल भागलपुर में ही कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या डेढ़ सौ के आसपास है। यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।

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