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Snapdeal इंजीनियर दीप्ति सरना का खुलासा-14 महीने से पीछे कर रहे थे अपहरणकर्ता, आज फिर होगी पूछताछ

यूपी पुलिस के अफसर ने कहा, 'हम उसे क्राइम सीन पर ले गए।' पुलिस आरोपियों की तलाश करने के लिए दीप्ति से पूछताछ के आधार पर स्केच बनवा रही है।

Author गाजियाबाद | February 13, 2016 6:47 PM
24 साल दीप्ति सरना ने बताया बदमाशों ने शुक्रवार सुबह 4 बजे उन्‍हें छोड़ा।

गाजियाबाद से लापता होने के 36 घंटे बाद शुक्रवार को घर लौटी स्नैपडील की आईटी इंजीनियर दीप्ति सरना मामले में कई नई जानकारियां सामने आई हैं। सीनियर पुलिस सुपिरिटेंडेंट धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक, ‘दीप्ति ने पुलिस को बताया कि उसे अगवा करने वाले लोग कह रहे थे कि वे 14 महीने से उसका पीछा कर रहे थे।’ दीप्ति से पुलिस को आज फिर पूछताछ करनी है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस अफसरों ने शुक्रवार को 25 मिनट दीप्ति से पूछताछ की थी। पुलिस को दीप्ति ने बताया कि अपहरण करने वाले लोगों ने जब उससे नाम पूछा तो उसने गलत नाम बताया था। अफसर ने कहा, ‘हम उसे क्राइम सीन पर ले गए।’ पुलिस आरोपियों की तलाश करने के लिए दीप्ति से पूछताछ के आधार पर स्केच बनवा रही है। दीप्ति का मोबाइल फोन, बैग और लैपटॉप अभी तक बरामद नहीं हुआ है। इस बीच, पुलिस ने दीप्ति के वो कपड़े और शूज फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं, जो उसने घटना वाली रात पहने थे।

दीप्ति ने अभी तक किए ये दावे  

गाजियाबाद के एसपी सिटी सलमान ताज पाटिल के मुताबिक, दीप्ति ने बताया कि वह रात 8 बजे के करीब वैशाली मेट्रो स्टेशन से ऑटो में बैठी। इसमें 2 लड़कियां पीछे थीं और आगे ड्राइवर के साथ दो लड़के बैठे थे। दीप्ति के आने के बाद ऑटो में कुल 6 लोग बैठे थे।

ऑटो कुछ दूर चलने के बाद खराब हो गया। इसके बाद वे ऑटो बदलकर दूसरे में बैठ गईं।

दूसरे ऑटो में 1 लड़का और 1 लड़की पहले से ही बैठे थे। दीप्ति जब इस ऑटो में बैठी तो 2 लड़के पीछे वाले ऑटो से आए और इसी ऑटो में आकर बैठ गए। अब इस ऑटो में 2 लड़कियां और ड्राइवर समेत 6 लोग थे।

कुछ दूर चलने के बाद ऑटो में बैठे बदमाशों ने दीप्ति के साथ बैठी दूसरी लड़की को चाकू दिखाकर नीचे उतारा और ऑटो को राजनगर एक्सटेंशन की तरफ ले गए।

राजनगर एक्सटेंशन के आसपास काफी देर तक घुमाने के बाद बदमाशों ने दीप्ति के हाथ-पैर बांधे और आंखें बंद कर दीं। इसके बाद उसे एक कार में बिठा कर कहीं ले गए।

दीप्ति के मुताबिक कार कई घंटों तक चलती रही, लेकिन आंखों पर पट्टी बंधी होने के कारण उसे यह नहीं पता लगा कि बदमाश कहां ले जा रहे हैं।

आपको बता दें कि दीप्ति सरना गुड़गांव स्थित स्नैपडील ऑफिस में काम करती है। वह बुधवार शाम ऑफिस से गाजियाबाद के कविनगर में अपने घर जाने के लिए निकली थी। वह शाम 8 बजे मेट्रो से वैशाली उतरी। घर के लिए ऑटो लिया। इसके बाद से वह लापता हो गई थी। दीप्ति के पिता नरेंद्र सरना ने मीडिया को बताया था कि बुधवार रात सवा आठ बजे उनकी बेटी के साथ बात हो रही थी। उस वक्त वह हिंडन पुल पर थी। दीप्ति के पिता फार्मासिस्ट हैं। घर पहुंचने से पहले उन्हीं से बात कर रही थी, तभी अचानक वह चिल्‍लाई, ‘ऑटो वाला गलत ले जा रहा है…पापा बचा लो।’ इसके बाद से उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।

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