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ट्विटर पर कांग्रेस ने मारा ताना, जवाब देते हुए स्‍मृति ईरानी ने राहुल गांधी को भी लपेटा

स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो अपने संसदीय क्षेत्र में विकास नहीं कर पाए, जिनके क्षेत्र में आज भी 70 से 80 प्रतिशत घर मिट्टी के हैं, उनसे विकास की अपेक्षा उनके क्षेत्र वाले नहीं करते, देश तो दूर की बात है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (पीटीआई फाइल फोटो)

आगामी लोकसभा चुनाव में कुछ समय शेष है, लेकिन अभी से ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। कांग्रेस ने ट्विटर पर स्मृति ईरानी पर तंज किया तो, केंद्रीय मंत्री ने भी राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस को जवाब दिया। कांग्रेस ने स्मृति ईरानी को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा, “केंद्रीय मंत्री ने राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी, अमेठी में आयोजित निफ्ट कन्वोकेशन की अध्यक्षता की। यहां उन्होंने कहा कि अमेठी में कोई विकास नहीं हुआ। अब हमें कुछ नहीं कहना है।” इसके जवाब में स्मृति ईरानी लिखती हैं, “मेरी इस यात्रा में आपने रूचि ली, इसके लिए धन्यवाद। क्या आप राजीव गांधी इस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी के लिए सलाना सरकारी खर्च जानना चाहेंगे? वर्ष 2008-09 और 2009-10 में 25-25 करोड़ और 2010-11 में 36 करोड़ खर्च हुए। 2011 से 2014 तक एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ। वहीं, 2015 से 2018 तक इस संस्थान के लिए 433 करोड़ खर्च हुए।”

इस कार्यक्रम में शामिल होने गुरुवार (6 सितंबर) को अमेठी पहुंची केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने क्षेत्र में विकास न होने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा। कहा कि, “देश जान जाएगा। जो अपने संसदीय क्षेत्र में विकास नहीं कर पाए, जिनके क्षेत्र में आज भी 70 से 80 प्रतिशत घर मिट्टी के हैं, उनसे विकास की अपेक्षा उनके क्षेत्र वाले नहीं करते, देश तो दूर की बात है।” राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा, “रायबरेली जिले का सैलून विधानसभा क्षेत्र इस बात का सबूत है कि वर्षों से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद, गांधी परिवार जरूरत के समय लोगों के साथ खड़े होने में नाकाम रहे।” बता दें कि सैलून रायबरेली जिले के अंतर्गत आता है लेकिन अमेठी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है।

मॉडर्न कोच फैक्ट्री का दौरा करने के बाद स्मृति ईरानी ने संवाददाताओं से कहा, “क्षेत्र के लोगों को कांग्रेस से विकास की कोई उम्मीद नहीं है। एनएडीए शासनकाल के दौरान रायबरेली रेल कोच कारखाने में सफलता मिली। यूपीए सरकार के दौरान, रेल कोच कपूरथला कारखाने से लाए गए थे और उपलब्धि के नाम पर रायबरेली में पेंट किया गया था। अब मोदी सरकार में यहां 700 कोच बनाए गए हैं। यह रेल फैक्ट्री नरेंद्र मोदी सरकार में संभावनाओं का प्रतीक बन गया है।” वहीं, इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष योगेन्द्र मिश्रा ने कहा कि, “एनडीए सरकार जानबूझकर इस क्षेत्र की परियाजानाओं में देरी कर रही है, ताकि कांग्रेस को इसका क्रेडिट न मिले। केंद्रीय मंत्रियों को कई पत्र लिखे गए लेकिन, वे परियोजनाओं को रोके हुए हैं। हाल में ही राहुल गांधी ने भी तीन केंद्रीय मंत्रियों को पेंडिंग प्रोजेक्ट को लेकर पत्र लिखा है।”

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