समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधा था। उन्होंने बिना नाम लिए संसद में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान ‘सास-बहू’ सीरियल को लेकर तंज कसा था।

अब स्मृति ईरानी ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पुराने विषयों को लेकर सवाल उठाना आसान होता है, लेकिन अगर इतना ही दम है तो अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव में ऐसा करने का साहस नहीं है। स्मृति ईरानी यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने कहा, “हमने तो कांग्रेस नेता को उनके ही घर में हराया है।”

कामकाजी महिलाओं पर बात करना आसान- स्मृति

उन्होंने आगे कहा कि कामकाजी महिलाओं पर इस तरह की टिप्पणी करना आसान होता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने अपने जीवन में कभी नौकरी नहीं की। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि “हम जैसे हजारों लोग टैक्स भरते हैं, लेकिन इसलिए नहीं कि संसद में सास-बहू की बातें हों।”

उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह दी कि उन्हें ऐसे मुद्दों की बजाय संसदीय कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, उन्हें गंभीर विषयों पर ध्यान देना चाहिए। स्मृति ईरानी के तीखे हमले के बाद अखिलेश यादव भी चुप नहीं रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर बिना नाम लिए शायराना अंदाज में जवाब दिया।

अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा-हर बात से अगर साजिश की बू आई न होती, यकीन करते लोग अगर बात जुमलाई न होती, दरअसल अगर अवाम से दोस्ती निभाई होती, तो इतनी जल्दी विदाई की घड़ी आई न होती।